—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*वैध कनेक्शन के बिना ई-व्हीकल चार्जिंग पर सख्ती 16 मामलों में 2.6 लाख का जुर्माना*


दमोह। जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल) की तेजी से बढ़ती संख्या अब विद्युत विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है। बढ़ते लोड के चलते बिजली नेटवर्क पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरटीओ कार्यालय के आंकड़ों में जिले में वर्तमान में कुल 4272 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इन वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही अवैध रूप से चार्जिंग के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है, जिससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इसी क्रम में वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता दमोह के निर्देशन में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा, ई-कार, स्कूटी एवं चार्जिंग उपकरणों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान कई स्थानों पर अनियमितताएं पाई गईं।
कार्रवाई के दौरान 16 प्रकरणों में अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर ई-व्हीकल चार्जिंग करते हुए उपभोक्ताओं को चिन्हित किया गया, जिनसे कुल 2.6 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
विद्युत विभाग ने आम नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी उपभोक्ता अपने इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन केवल वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही करें। बिना अनुमति या निर्धारित लोड से अधिक बिजली उपयोग करने पर न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि “सिस्टम डेमेज चार्ज” भी वसूला जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता की अवैध चार्जिंग के कारण केबल, ट्रांसफार्मर या अन्य विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी पूरी भरपाई संबंधित उपभोक्ता से की जाएगी। साथ ही, विद्युत अधिनियम की धारा 135 एवं 139 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर वाहन जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता ने नागरिकों से अपील की है कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले अपने घर या प्रतिष्ठान के विद्युत कनेक्शन का लोड नियमानुसार बढ़वाएं। बिना लोड बढ़ाए उच्च क्षमता के उपकरण जोड़ने से केबल और ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना बढ़ जाती है।
तकनीकी जानकारी के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी लगभग 500 से 750 वॉट, ई-रिक्शा करीब 1.5 किलोवाट और इलेक्ट्रिक कार 7.5 से 11 किलोवाट तक लोड लेती है। ऐसे में उचित फेज कनेक्शन और पर्याप्त लोड सुनिश्चित करना आवश्यक है।
विद्युत विभाग ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी अवैध चार्जिंग, बिजली चोरी या लाइन से छेड़छाड़ की जानकारी मिले, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1912 पर सूचित करें।
विभाग ने दोहराया है कि नियमों का पालन करना सभी उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है। इससे न केवल विद्युत व्यवस्था सुचारु बनी रहती है, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है।
















































