—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*बड़ी खबर दमोह में ट्रांसफार्मर के नाम पर किसानों से अवैध वसूली*
*स्टार डेल्टा कंपनी को यूं किया जा रहा है बदनाम प्रदीप सिंह जीएम*
दमोह। जिले में आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगाए जा रहे ट्रांसफार्मरों को लेकर अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विगत दिनों स्थानीय मीडिया और अखबारों में यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था, जिसमें आरोप लगाए गए थे कि ठेकेदारों और कुछ जिम्मेदार लोगों द्वारा किसानों से लाखों रुपये वसूले जा रहे हैं।
मामले की सच्चाई जानने जब हमारी टीम बांदकपुर के पास स्थित ग्राम खरेड़ा गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने खुलकर अपनी पीड़ा बताई। किसान हनुमत सिंह, लाखन सिंह, राम अवतार, प्रताप सिंह और करण सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन दिलाने के नाम पर उनसे जबरन रकम ली गई।
ग्रामीणों के अनुसार, हिंडोरिया में पदस्थ एमसीबी के लाइनमैन साहू (वर्तमान में रिटायर्ड) ने उनसे करीब ₹50,000 की राशि ली। किसानों ने बताया कि खेतों में सिंचाई के लिए बिजली अत्यंत आवश्यक थी, इसलिए मजबूरी में सभी ने मिलकर यह रकम दी।
ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें स्टार डेल्टा कंपनी के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की जानकारी नहीं है और न ही उनका सीधा संपर्क रहा है।
पूरा लेन-देन स्थानीय स्तर पर ही किया गया। वहीं, इस मामले में स्टार डेल्टा ट्रांसमिशन कंपनी के जीएम (gm)प्रदीप सिंह ने कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा कि कंपनी के किसी भी कर्मचारी द्वारा इस प्रकार की अवैध वसूली नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में कार्य स्थानीय लोकल ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है और संभवतः उन्हीं के द्वारा इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं।
उन्होंने कहा—यदि किसी कर्मचारी या ठेकेदार के खिलाफ अवैध वसूली के प्रमाण या वीडियो सामने आते हैं, तो कंपनी सख्त वैधानिक कार्रवाई करेगी। ऐसे ठेकेदारों को चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया भी जारी है। इसी बीच कंपनी के जीएम (जनरल मैनेजर) ने भी स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा कि स्टार डेल्टा ट्रांसमिशन कंपनी को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है।
स्थानीय ठेकेदारों द्वारा की जा रही अवैध वसूली से कंपनी की छवि धूमिल हो रही है, जबकि कंपनी का इससे कोई सीधा संबंध नहीं है। इस पूरे मामले में यह बात सामने आ रही है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मिलीभगत से किसानों से अवैध वसूली की जा रही है, जबकि कंपनी खुद को इससे अलग बता रही है।
हालांकि आपको बता दें यह एक ही गांव का मामला नहीं है ऐसा दमोह जिले के कई गांव में हुआ है ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। अब सवाल यह है कि आखिर इन किसानों को न्याय कब मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई कब तक होगी।
**पिक्चर अभी बाकी है












































