—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*तेजगढ़ में 3 साल के मासूम की हत्या से दहला महुआ खेड़ा गांव*
*घर से 50 मीटर दूर भूसे के ढेर पर मिला शव, गांव में आक्रोश और दहशत*
दमोह/
तेजगढ़ थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा गांव में 3 वर्षीय मासूम अनिरुद्ध की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार दोपहर अपने घर के आंगन में खेलते समय अचानक लापता हुए मासूम का शव शनिवार दोपहर घर से करीब 50 मीटर दूर भूसे के ढेर पर मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम, भय और भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, मासूम अनिरुद्ध शुक्रवार दोपहर घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर गांव और आसपास तलाश की, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ तथा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाया गया। कुओं, खेतों और सुनसान स्थानों पर भी तलाश की गई।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन गांव में एक सफेद कार और कपड़ा बेचने वाले संदिग्ध बाइक सवार को देखा गया था। पुलिस ने इस इनपुट को भी जांच में शामिल किया है।
शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब बच्चे का शव घर के पास ही भूसे के ढेर पर पड़ा मिला। शव पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। सूचना मिलते ही आनंद कलादगी स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने गांव के ही एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को बुलाया गया है, जो घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करेगी। पुलिस ने जांच प्रभावित न हो इसलिए शव को तत्काल नहीं हटाया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
मासूम के पिता माखन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बीचोंबीच से बच्चे का गायब होना और फिर उसी इलाके में शव मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव के अंदर ही इतनी बड़ी वारदात हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है।
यह घटना इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि पिछले दो महीनों में दमोह जिले में मासूम बच्चों की हत्या की यह दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले नोहटा थाना क्षेत्र में भी एक मासूम की हत्या का मामला सामने आया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।
नवागत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के लिए यह मामला बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अब पूरे जिले की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।












































