—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*इंशु इंटरनेशनल होटल में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय जल चौपाल आयोजित*
ब्लॉक स्तर पर जल संरक्षण, जलकर संग्रहण एवं जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 14 एवं 15 मई 2026 को इंशु इंटरनेशनल होटल में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय जल चौपाल बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जल निगम, PHE विभाग, जन अभियान परिषद एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।
पहले दिवस आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जल निगम से डॉ. मनोज राज (सीपी मैनेजर) एवं उनकी टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, PRI सदस्य एवं ग्रामवासी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जलकर संग्रहण, ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तथा VWSC समिति की भूमिका को समझना एवं मजबूत करना था।
डॉ. मनोज राज ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन जलकर राशि संग्रहण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण PPT एवं वीडियो के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामवासियों से ऑनलाइन माध्यम से जलकर राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई।
बैठक के दौरान ग्रामवासियों, सरपंचों एवं सचिवों ने गांवों में पेयजल संबंधी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अपनी समस्याओं की लिखित जानकारी जल निगम अधिकारियों को सौंपी गई। इस पर जल निगम की टीम ने आगामी 3 से 4 दिनों में समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा जिन गांवों में वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत जलकर राशि संग्रहित हो रही है, वहां इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए रणनीति एवं सामुदायिक सहभागिता पर भी चर्चा की गई। पहले दिन आयोजित जल चौपाल में APF के 30 गांवों से लगभग 60 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
दूसरे दिवस आयोजित जल चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक सुशील नामदेव, जल निगम से प्रदीप नामदेव एवं राहुल यादव तथा PHE विभाग से सुन्दरम पाटिल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में APF के 30 ग्रामों से लगभग 35 सरपंच, सचिव, पंप ऑपरेटर, जिला रोजगार सहायक एवं VWSC समिति के सदस्य शामिल हुए।
बैठक में जल कर से संबंधित ऑनलाइन प्रणाली को PPT के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझाया गया। जिला समन्वयक सुशील नामदेव ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गांवों में उपलब्ध जल स्रोतों के पुनर्जीवन एवं वर्षा जल संचयन की आवश्यकता बताई।
जल निगम से प्रदीप नामदेव ने VWSC समिति की भूमिका पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि गांव स्तर पर समुदाय के साथ नियमित बैठकें कर संचालन एवं संधारण कार्यों को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने पानी की टंकियों की नियमित साफ-सफाई, जल स्रोतों के रखरखाव एवं जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
PHE विभाग से सुन्दरम पाटिल ने जल गुणवत्ता के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि FTK किट के माध्यम से गांव स्तर पर पानी की जांच की जा सकती है तथा आवश्यकता पड़ने पर पानी के नमूने परीक्षण हेतु PHE विभाग में भेजे जा सकते हैं।
दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय जल चौपाल कार्यक्रम अत्यंत सार्थक एवं उपयोगी साबित हुआ। जल निगम, PHE विभाग एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद से जल संरक्षण, जल गुणवत्ता एवं संचालन संबंधी विषयों पर बेहतर समझ विकसित हुई। यह पहल गांवों में जल प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।













































