—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*कलेक्टर के निर्देश का दिखा असर, जिले से गांव तक अधिकारी पहुंचे मैदान में, गैस एजेंसियों की जांच के साथ जल समस्याओं पर भी प्रशासन गंभीर*

दमोह। कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव के निर्देशों का असर अब जिलेभर में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जनसुनवाई में आम जनता से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि अब अधिकारी कार्यालयों तक सीमित न रहकर सीधे गांव और क्षेत्र में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें।
इसी के तहत बुधवार को जिले से लेकर ग्रामीण स्तर तक प्रशासनिक अधिकारी मैदान में नजर आए। जिलेभर में गैस एजेंसियों एवं संबंधित प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्याओं को लेकर बैठकें आयोजित कर समाधान के प्रयास किए गए।
मड़ियादो में तहसीलदार आलोक जैन ने अनन्या गैस एजेंसी का निरीक्षण किया। बटियागढ़ तहसीलदार योगेंद्र चौधरी ने क्षेत्र की गैस एजेंसी की जांच की। पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया ने महाकाल गैस एजेंसी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जबकि दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व ने शहर की गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया।
वहीं तेंदूखेड़ा एसडीएम सी.जी. गोस्वामी ने तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत 27 मील स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर जांच कार्रवाई की, जहां अवैध रूप से गैस सिलेंडरों से संबंधित पुस्तकें मिलने की जानकारी सामने आई। मामले की जांच जारी है।
इधर हटा क्षेत्र के आदिवासी अंचलों में पेयजल समस्याओं को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया। हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने ग्राम पंचायत रजपुरा में रजपुरा, दमोतीपुरा और नारायणपुरा के जल प्रबंधन को लेकर बैठक आयोजित की। बैठक में जनपद पंचायत सीईओ संजीव गोस्वामी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर चर्चा की।
प्रशासन की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि अब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी स्वयं जमीनी स्तर पर पहुंच रहे हैं। जिलेभर में चल रही इन कार्रवाइयों से आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता दिखाई दे रहा है।












































