—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*आमजन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर*
*निरीक्षण में एसडीएम, तहसीलदार नायब तहसीलदार समेत 24 कर्मचारी अनुपस्थित जारी हुए शोकॉज नोटिस*
दमोह। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और आमजन के कार्यों के त्वरित निराकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा लगातार शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई है।
कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनके कार्य समय पर पूरे हो सकें।
इसी क्रम में कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय दमोह, तहसील कार्यालय दमोह, तहसील कार्यालय दमयंती नगर तथा जनपद पंचायत कार्यालय दमोह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम, तहसीलदार दमोह, तहसीलदार दमयंती नगर एवं नायब तहसीलदार सहित कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र (शोकॉज नोटिस) जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त छह अन्य कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले, जिनसे भी जवाब तलब किया गया है।
जनपद पंचायत में 14 कर्मचारी मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय में भी 14 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सभी कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कलेक्टर ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने ‘सार्थक ऐप’ लागू
कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों और अनुभाग स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए “सार्थक ऐप” को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। अब सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिससे प्रशासन द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और आमजन के कार्यों का त्वरित निराकरण करें।












































