—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*रीवा घटना के विरोध में दमोह में सकल जैन समाज की जनआक्रोश मौन रैली सौंपा ज्ञापन*
दमोह। रीवा में 20 मई को हुई दुखद घटना में दो जैन साध्वियों — पूज्य आर्यिका 105 श्रुत मति माताजी एवं पूज्य आर्यिका 105 उपशम मति माताजी — के समाधि मरण के बाद देशभर के जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। संत समाज के आह्वान पर सोमवार को दमोह में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा जनआक्रोश मौन रैली निकालकर प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सुबह 9 बजे श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन नन्हें मंदिर से प्रारंभ हुई इस मौन रैली में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। सभी श्रद्धालु सफेद परिधान एवं हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक रैली में शामिल हुए। रैली नन्हें मंदिर से प्रारंभ होकर पलंदी मंदिर, घंटाघर, मुख्य बाजार मार्ग से होते हुए कीर्तिस्तंभ पहुंची।
रैली के दौरान समाजजन पूरी तरह मौन रहकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते रहे। “संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करो”, “अहिंसा के मार्ग का सम्मान करो” और “दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो” जैसे संदेश लिखी तख्तियां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थीं। शहर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने भी रैली का स्वागत कर दिवंगत साध्वियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कीर्तिस्तंभ पहुंचने पर समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। समाजजनों ने कहा कि यह घटना केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि पूरे मानव समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है।
कार्यक्रम के दौरान पूरे मार्ग में अनुशासन, श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा। समाज के वरिष्ठजन, विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।












































