—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पड़रिया थोबन ने रची विकास की नई इबारत*
*स्मार्ट विलेज के बाद अब बना पर्यटन ग्राम*


दमोह, 27 मई 2026।
बुंदेलखंड क्षेत्र के दमोह जिले का जबेरा ब्लॉक इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कभी अपनी अनूठी व्यवस्थाओं के चलते “स्मार्ट विलेज” के रूप में पहचान बनाने वाला पड़रिया थोबन अब “पर्यटन ग्राम” के रूप में नई पहचान स्थापित कर रहा है।
प्रदेश के पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) के सहयोग से गांव को ग्रामीण पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
***गांव में बनेंगे 10 होमस्टे***
पर्यटन विभाग की योजना के तहत गांव में कुल 10 होमस्टे तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पर्यटकों को पूरी तरह ग्रामीण परिवेश और बुंदेली संस्कृति का अनुभव मिल सके। वर्तमान में यहां 2 होमस्टे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जबकि 3 अन्य होमस्टे निर्माण के अंतिम चरण में हैं।
होमस्टे निर्माण और पर्यटन गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी मानव जीवन विकास समिति को सौंपी गई है, जो ग्रामीणों के सहयोग से इस परियोजना को आगे बढ़ा रही है।
***चूल्हे की रोटी और बुंदेली स्वाद का आकर्षण***
भीषण गर्मी के बावजूद पर्यटक लगातार गांव पहुंच रहे हैं। पिछले दो महीनों में लगभग 20 से 25 परिवार यहां होमस्टे का अनुभव ले चुके हैं। वहीं हर सप्ताह 50 से अधिक पर्यटक गांव घूमने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक तिलक लगाकर स्वागत किया जाता है, जबकि मिट्टी के चूल्हे पर बना शुद्ध देसी बुंदेली भोजन पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। कई लोग यहां परिवार के साथ सुकून के पल बिताने, तो कई बच्चे जन्मदिन मनाने पहुंच रहे हैं।
***रोजगार के नए अवसर***
ग्रामीण पर्यटन विशेषज्ञ अनुज बाजपेयी के अनुसार, इस पहल ने गांव की तस्वीर बदल दी है। ग्रामीण पर्यटन से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
सोशल मीडिया पर भी गांव की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। पड़रिया थोबन से जुड़े वीडियो लाखों लोग देख रहे हैं, जिससे गांव को देशभर में नई पहचान मिल रही है।
***मानसून और सर्दियों में बढ़ेगी रौनक***
शुरुआती दौर में ही मिले शानदार प्रतिसाद से प्रशासन और ग्रामीण उत्साहित हैं। आगामी मानसून और सर्दियों के मौसम में गांव की प्राकृतिक सुंदरता और निखरेगी, जिससे यहां पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।













































