—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*100 पुत्र एक वृक्ष के बराबर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी*
*विश्व पर्यावरण दिवस पर मंडपेश्वर धाम में हुआ पौधरोपण ग्रामीणों को वितरित किए पौधे*
दमोह। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दमोह जिले के बांसा तारखेड़ा गांव स्थित मंडपेश्वर धाम में पर्यावरण प्रेमी ऋषिराज सिंह परिहार के नेतृत्व में भव्य पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सोलंकी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके बाद न्यायाधीश सोलंकी ने आम का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में पर्यावरण संरक्षण की भावना जागृत होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “100 पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है, क्योंकि वृक्ष हमें जीवन प्रदान करते हैं।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह वृक्षों का संरक्षण करे और नियमित रूप से पौधारोपण कर प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में योगदान दे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे ऋषिराज सिंह परिहार की सराहना करते हुए कहा कि उनका अभियान समाज को नई दिशा दे रहा है। पौधों का वितरण और पौधारोपण दोनों ही कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर ऋषिराज सिंह परिहार ने बताया कि अब तक उनके द्वारा लगभग 75 हजार पौधों का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और वे अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास करते रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने ग्रामीणों को पौधों का वितरण भी किया तथा उन्हें पौधों की देखभाल का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर विज्ञान सिंह परिहार, इमलिया के सरपंच अंगद सिंह राजपूत, डॉ. अखिलेश पटेल, विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष राम मिश्रा, शंभू विश्वकर्मा, राहुल पटेल, अधिवक्ता विक्रांत सिंह, राजकुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।













































