—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*मौत के मुहाने पर विकास कार्य निर्माणाधीन नाले में गिरी थार बाल-बाल बची चालक की जान*
दमोह। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार रात दमोह-जबलपुर मार्ग स्थित नवजागृति स्कूल के पास निर्माणाधीन नाले में एक थार वाहन गिर जाने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस दुर्घटना में चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वैशाली नगर निवासी वैभव सिंह ठाकुर अपनी थार वाहन (क्रमांक MP-20-ZB-0003) से किलाई नाका से वैशाली नगर की ओर जा रहे थे। रात लगभग 10:30 बजे जब वे नवजागृति स्कूल के समीप निर्माणाधीन नाले के पास पहुंचे, तभी वाहन अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरे नाले में जा गिरा।
हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
दुर्घटना के बाद चालक ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि निर्माणाधीन नाले के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार के चेतावनी संकेतक लगाए गए थे।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क पर केवल एक पाइप रखकर रास्ते को चिह्नित किया गया था, जिससे रात के समय वाहन चालकों को निर्माण स्थल का सही अंदाजा नहीं लग पा रहा था। इसी कारण वाहन सीधे नाले में जा गिरा।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन नाले में वाहन गिरने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में क्रेन की सहायता से वाहन को नाले से बाहर निकाला गया।
इस घटना के बाद निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना नगर पालिका की कार्यप्रणाली और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर करती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों के स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













































