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*हेडलबर्ग सीमेंट फैक्ट्री में श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन कलेक्टर ने औचक निरीक्षण में पकड़ीं गंभीर अनियमितताएं*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*हेडलबर्ग सीमेंट फैक्ट्री में श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन कलेक्टर ने औचक निरीक्षण में पकड़ीं गंभीर अनियमितताएं*


दमोह, 16 जून 2026। जिले के नरसिंहगढ़ स्थित हेडलबर्ग सीमेंट फैक्ट्री में श्रमिकों के अधिकारों से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया, जहां श्रमिकों से सीधे संवाद के दौरान श्रम कानूनों के उल्लंघन से संबंधित कई शिकायतें मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान श्रमिकों ने बताया कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित कलेक्टर रेट के अनुसार मजदूरी नहीं मिल रही है। साथ ही उनसे निर्धारित 8 घंटे से अधिक कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अतिरिक्त कार्य के बदले नियम अनुसार ओवरटाइम का दोगुना भुगतान नहीं दिया जा रहा। श्रमिकों ने यह भी शिकायत की कि वेतन का भुगतान एकमुश्त करने के बजाय किस्तों में किया जाता है और उसमें कटौतियां भी की जाती हैं।

सुरक्षा उपकरणों का अभाव

फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें हेलमेट, सुरक्षा जूते, सुरक्षा चश्मे सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। मजबूरी में उन्हें यह सामग्री अपने खर्च पर खरीदनी पड़ती है। इसके अलावा वेतन पर्ची नहीं दी जाती और भोजन करने के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं है।

कलेक्टर श्री यादव ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना कंपनी की जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दुर्घटना में घायल श्रमिक का इलाज नहीं कराया

निरीक्षण के दौरान एक श्रमिक ने बताया कि कार्य के दौरान हुए हादसे में उसके छह दांत टूट गए थे, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर कर्मचारी का समुचित उपचार कराना कंपनी की कानूनी जिम्मेदारी है।

वाहन चोरी और पेट्रोल चोरी की शिकायत

श्रमिकों ने फैक्ट्री परिसर के बाहर वाहन खड़े करने के कारण चोरी और पेट्रोल चोरी की घटनाओं की शिकायत भी की। इस पर कलेक्टर ने प्रबंधन को निर्देश दिए कि श्रमिकों के वाहनों के लिए फैक्ट्री परिसर के भीतर सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

श्रम विभाग को दिए नियमित निगरानी के निर्देश

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि फैक्ट्री परिसर में श्रम कानूनों के तहत लगाए जाने वाले आवश्यक सूचना बोर्ड मौजूद नहीं हैं। कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा सभी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शासन की प्राथमिकता स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। तकनीकी और विशेषज्ञता वाले कार्यों के लिए बाहरी श्रमिकों की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन सामान्य रोजगार के अवसरों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि “शासन श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक श्रमिक को उसका वैधानिक अधिकार मिले तथा फैक्ट्री परिसर में श्रम कानूनों का पूर्ण पालन हो।”

कलेक्टर ने बताया कि श्रमिकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और सभी शिकायतों की जांच के बाद फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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