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*निरीक्षण के दौरान श्रमिकों की समस्याएं सुनते ही कलेक्टर ने दिखाई सख्ती बकाया वेतन ब्याज सहित दिलाने के दिए निर्देश*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*निरीक्षण के दौरान श्रमिकों की समस्याएं सुनते ही कलेक्टर ने दिखाई सख्ती बकाया वेतन ब्याज सहित दिलाने के दिए निर्देश*

*श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कलेक्टर प्रताप नारायण यादव*

*जिला अस्पताल के निरीक्षण में आउटसोर्स कर्मचारियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई आठ घंटे की ड्यूटी साप्ताहिक अवकाश और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने के निर्देश*

दमोह जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सुरक्षा गार्डों, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों का किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा गार्डों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें एजेंसी द्वारा कभी 6 हजार, कभी 7 हजार तो कभी 8 हजार रुपये का वेतन दिया जाता है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित कलेक्टर रेट के अनुसार उन्हें लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलना चाहिए। शिकायत सुनते ही कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को मौके पर बुलाकर कर्मचारियों के बयान दर्ज कराने और प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि कर्मचारियों को जितने समय तक कम वेतन दिया गया है, उसकी पूरी बकाया राशि ब्याज सहित दिलाई जाएगी तथा संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रम विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री यादव ने कर्मचारियों से ड्यूटी के घंटों की जानकारी लेते हुए कहा कि उनसे केवल आठ घंटे ही कार्य लिया जाए। साथ ही भोजन अवकाश और सप्ताह में एक दिन का साप्ताहिक अवकाश भी अनिवार्य रूप से दिया जाए।

जिला अस्पताल में वर्तमान में 34 सुरक्षा कर्मी, 102 सफाई कर्मी तथा 2 हेल्प डेस्क कर्मचारी सहित कुल 138 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में स्टाफ नर्सों द्वारा अपने अतिरिक्त समय में विकसित किए गए सुंदर उद्यान का अवलोकन किया और उनकी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास अस्पताल का वातावरण सकारात्मक बनाते हैं तथा मरीजों और उनके परिजनों को भी अच्छा अनुभव कराते हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार हो रहा है तथा चिकित्सक एवं समस्त स्टाफ पूरी मेहनत से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कलेक्टर ने सभी चिकित्सकों से सिविल सर्जन को पूर्ण सहयोग देने की अपील करते हुए बताया कि 300 बिस्तरों की क्षमता वाले जिला अस्पताल में औसतन 400 मरीज भर्ती रहते हैं। स्टाफ की कमी के बावजूद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है।

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम एवं श्रम विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही आउटसोर्स कर्मचारियों के कथन दर्ज करने सहित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

कलेक्टर से मुलाकात के बाद आउटसोर्स कर्मचारी बेहद उत्साहित नजर आए। कर्मचारियों का कहना था कि अब उन्हें वर्षों से रुका हुआ बकाया वेतन मिलने की उम्मीद है। कई कर्मचारियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा अब तो हमारी भी दिवाली हो जाएगी। हजारों रुपये का बकाया मिलेगा और हर महीने मिलने वाला मानदेय भी लगभग दोगुना हो जाएगा।

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