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*बाल अधिकार आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने दमोह के स्कूलों और मदरसे का किया औचक निरीक्षण*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*बाल अधिकार आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने दमोह के स्कूलों और मदरसे का किया औचक निरीक्षण*

*बच्चों से पूछे गुड टच-बैड टच पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों से जुड़े सवाल शिकायत पेटी कैमरे की नजर से दूर रखने के निर्देश*

दमोह। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने गुरुवार को दमोह पहुंचकर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शहर के सेंट जॉन्स स्कूल, सेंट नॉर्मट स्कूल, मदरसा और जेबी स्कूल सहित अन्य संस्थानों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से बाल अधिकार, बच्चों की सुरक्षा, गुड टच-बैड टच और पॉक्सो एक्ट से संबंधित सवाल पूछकर जागरूकता की स्थिति परखी।

निरीक्षण के दौरान कुछ बच्चे गुड टच-बैड टच तथा बाल सुरक्षा से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर आयोग की सदस्य ने स्कूल प्रबंधन को बच्चों को नियमित रूप से बाल अधिकार, सुरक्षा और पॉक्सो कानून के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए।

*शिकायत के आधार पर नहीं था निरीक्षण*

अर्चना गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह सामान्य औचक निरीक्षण था और किसी विशेष शिकायत के आधार पर नहीं किया गया। इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी की स्थिति का जायजा लेना था।

उन्होंने कहा कि बच्चों को यह समझना जरूरी है कि उनके साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उसे छिपाएं नहीं, बल्कि तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।

*कई बच्चे नहीं बता पाए गुड टच-बैड टच*

निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य ने विद्यार्थियों से गुड टच-बैड टच को लेकर सवाल किए। कुछ बच्चे इसकी सही जानकारी नहीं दे पाए। इस पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सरल भाषा में पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकार और व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते इसकी जानकारी दे सकें।

*वंदे मातरम गीत की जानकारी भी ली*

निरीक्षण के दौरान अर्चना गुप्ता ने विद्यार्थियों से वंदे मातरम गीत के संबंध में भी जानकारी ली। जहां विद्यार्थियों को इसकी पूरी जानकारी नहीं थी, वहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन को बच्चों को वंदे मातरम गीत तथा उससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों से परिचित कराने के निर्देश दिए।

*शिकायत पेटी कैमरे की सीधी नजर से दूर रखने के निर्देश*

स्कूलों में स्थापित शिकायत पेटी की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए कि शिकायत पेटी ऐसी जगह पर हो, जहां विद्यार्थी बिना किसी डर या दबाव के अपनी शिकायत डाल सकें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि शिकायत पेटी सीसीटीवी कैमरे की सीधी नजर में नहीं होनी चाहिए, ताकि बच्चों की शिकायतों की गोपनीयता बनी रहे।

*नाबालिग विद्यार्थियों के वाहन चलाने पर भी दिए निर्देश*

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने के साधनों को लेकर भी चर्चा की गई। अर्चना गुप्ता ने कहा कि विशेष रूप से दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से कहा कि नाबालिग विद्यार्थियों को बिना आवश्यक लाइसेंस और सुरक्षा नियमों के दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल आने से रोका जाए। बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

*साफ-सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी*

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को विद्यालय परिसर में बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्कूल का वातावरण बच्चों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ होना चाहिए।

*सीढ़ियों पर लिखे अंकों को लेकर भी आपत्ति*

बाल कल्याण समिति दमोह के अध्यक्ष एडवोकेट दीपक तिवारी ने बताया कि राज्य आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और बालिकाओं से भी चर्चा की।

उन्होंने बताया कि कुछ छात्राएं गुड टच-बैड टच के बारे में सही जानकारी नहीं दे पाईं। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकार और व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित जानकारी देना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

दीपक तिवारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान सीढ़ियों पर कुछ अंक लिखे हुए भी दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि विद्यालय को विद्या अध्ययन का क्षेत्र माना जाता है, इसलिए सीढ़ियों पर लिखे अंकों के पैरों के नीचे आने को उचित नहीं माना गया। स्कूल प्रबंधन को इन्हें हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

*बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर लगातार निगरानी के निर्देश*

आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वच्छता और अधिकारों से जुड़े विषयों पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही विद्यार्थियों को ऐसा सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे किसी भी समस्या या अप्रिय घटना की जानकारी बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा सकें।

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