—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दशलक्षण पर्व पर धार्मिक सुविधाओं की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

दमोह। दशलक्षण एवं पर्यूषण पर्व के मद्देनजर जैन समाज की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक मांगों को लेकर भारतीय जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा दमोह, क्षेत्र क्रमांक 10 के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैन समाज के शासकीय कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर आवश्यक शासकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एम-3-5/1990/1/4, दिनांक 17 जनवरी 1992 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पूर्व में पर्यूषण पर्व के दौरान जैन धर्मावलंबी शासकीय कर्मचारियों को धार्मिक कृत्यों में सहभागी होने के लिए दोपहर 12 बजे तक कार्यालय पहुंचने की सुविधा प्रदान की गई थी। वर्तमान में ई-अटेंडेंस एवं बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू होने के कारण इस सुविधा को उसी अनुरूप लागू करने तथा ई-अटेंडेंस प्रणाली में आवश्यक प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
समाज ने दशलक्षण एवं पर्यूषण पर्व की अवधि में स्कूल एवं महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण परीक्षाएं निर्धारित नहीं किए जाने की मांग भी रखी, ताकि जैन समाज के विद्यार्थी एवं शिक्षक धार्मिक आराधना, पूजा, स्वाध्याय एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों में सहजता से सहभागी हो सकें।
इसके अलावा दशलक्षण/पर्यूषण पर्व, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख धार्मिक पर्वों पर धार्मिक भावनाओं के सम्मान में मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने तथा अनंत चतुर्दशी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के लिए शासन को अनुशंसा भेजने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि धार्मिक पर्व समाज में संयम, अहिंसा, आत्मशुद्धि, सद्भाव एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे अवसरों पर उचित शासकीय व्यवस्थाएं होने से समाज के कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों में सहभागी होने में सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर भारतीय जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा दमोह के अध्यक्ष मुकेश जैन मम्मा, मंत्री महेंद्र जैन सोमखेड़ा, कोषाध्यक्ष जिनेंद्र जैन मंडला, प्रचार मंत्री सुनील जैन वेजिटेरियन, सेबंत जैन सिल्वर, दिलेश जैन चौधरी एवं राकेश जैन हरदुआ सहित शाखा के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शासन स्तर पर उचित अनुशंसा भेजने का आग्रह किया।

















