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*दमोह के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा पर रोस्टर में अनियमितता के आरोप अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर भी शिकायत*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*दमोह के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा पर रोस्टर में अनियमितता के आरोप अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर भी शिकायत*

दमोह। दमोह के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा के कार्यकाल के दौरान विभागीय रोस्टर तैयार करने में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि तैयार किए गए रोस्टर में ईडब्ल्यूएस, बैकलॉग तथा दिव्यांगजन के लिए आरक्षित पदों का उचित रूप से चिन्हांकन नहीं किया गया और रोस्टर नियमों के अनुरूप तैयार करने के बजाय मनमाने तरीके से तैयार किया गया।

शिकायत में इसे विभागीय नियमों की गंभीर अनदेखी बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। आरोप है कि यदि रोस्टर में आरक्षित एवं बैकलॉग पदों का सही तरीके से उल्लेख नहीं किया गया है तो इससे पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

*अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर भी गंभीर आरोप*

पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यकाल को लेकर अनुकंपा नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में पात्र व्यक्तियों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिला, जबकि कथित तौर पर अपात्र व्यक्तियों को नियुक्ति दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

सागर जेडी स्तर पर कार्रवाई की बात लेकिन नतीजा क्या निकला?

शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को लेकर सागर संभाग के संयुक्त संचालक (जेडी) कार्यालय स्तर से पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने एवं निष्पक्ष जांच की कार्रवाई की बात सामने आई थी, लेकिन आज दिनांक तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।

इसी को लेकर एक व्यक्ति द्वारा संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए सवाल उठाया गया है कि यदि मामले में जांच और कार्रवाई प्रस्तावित थी तो अब तक उसकी स्थिति क्या है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई?

जांच से सामने आएगा सच

मामला विभागीय रोस्टर, आरक्षण व्यवस्था और अनुकंपा नियुक्तियों से जुड़ा होने के कारण इसकी निष्पक्ष एवं दस्तावेज आधारित जांच जरूरी है। रोस्टर की मूल प्रति, संबंधित पदों की स्वीकृत संख्या, बैकलॉग एवं ईडब्ल्यूएस पदों की स्थिति तथा अनुकंपा नियुक्तियों से संबंधित सभी प्रकरणों की जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

अब सवाल यह है कि शिकायत पर जांच की वर्तमान स्थिति क्या है?

क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है? और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होगी?

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