—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दमोह जिले में अवैध पैथोलॉजी लैबों का मुद्दा गरमाया, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*
दमोह। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कथित रूप से संचालित हो रही अवैध एवं अपंजीकृत पैथोलॉजी लैबों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि कई स्थानों पर बिना आवश्यक पंजीयन एवं निर्धारित मापदंडों के पैथोलॉजी जांच का काम संचालित किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस दिशा में अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) तथा ब्लॉक स्तर पर बीएमओ की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है।
दमोह जिले में जिला अस्पताल के साथ हटा सिविल अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, ऐसे में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित निजी चिकित्सा एवं जांच केंद्रों की नियमित निगरानी स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
पूर्व में भी दमोह जिले में अपंजीकृत पैथोलॉजी लैबों को लेकर नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया सामने आ चुकी है।
जून 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण में अपंजीकृत पाई गई कुछ लैबों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे और संबंधित अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद यदि वर्तमान में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिना वैध पंजीयन अथवा आवश्यक तकनीकी योग्यता के पैथोलॉजी जांच संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो यह स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
मरीजों की सेहत से जुड़ा है मामला
पैथोलॉजी जांच किसी मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण आधार होती है। गलत तरीके से की गई जांच या गलत रिपोर्ट के आधार पर मरीज का उपचार प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक पैथोलॉजी लैब का पंजीयन, तकनीकी स्टाफ की योग्यता, मशीनों की स्थिति और जांच प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
यहां तक की आपको बता दें दमोह जिले में एक्सरे को लेकर सोनोग्राफी को लेकर भी काफी एनीमत्ताएं आई हैं इसको लेकर भी सीएमएचओ ने क्या कार्रवाई की आप प्रशासनिक पद पर बैठे हैं आपको प्रत्येक पैथोलॉजी लैब एक्सरा सेंटर पर भी जांच करनी चाहिए आपने अब तक कहां-कहां जांच की यह भी आपको बताना होगा
जिलेभर में जांच अभियान की मांग
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दमोह शहर के साथ-साथ पथरिया, हटा, पटेरा, जबेरा, तेंदूखेड़ा, बटियागढ़ और हिंडोरिया सहित पूरे जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जाए। जिला प्रशासन को भी ऐसी शिकायतों का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करनी चाहिए।
यदि कोई लैब बिना पंजीयन अथवा नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित मिलती है तो नियमानुसार नोटिस, सीलिंग और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, जो संस्थान नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं, उनके संबंध में भी विभाग को स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि आम लोगों में भ्रम की स्थिति न बने।
दमोह जिले के आला अधिकारी दमोह जिले के हिंदूवादी संगठनों के द्वारा मिशन हॉस्पिटल को लेकर कई प्रश्न चिन्ह खड़े किए हालांकि प्रश्न खड़े करना भी ठीक था लेकिन अन्य पेथ लैब ग़लत तरीके से जो चल रही है सामाजिक संगठन क्यों करवाई नहीं करवाता प्रशासनिक अधिकारियों को नींद से क्यों नहीं जगाते यह भी एक उदाहरण बना हुआ है…?
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग जिलेभर में पैथोलॉजी लैबों की वास्तविक स्थिति की जांच कब करता है और शिकायतें सही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
नोट -अगर आपके पास अवैध पैथोलॉजी लैबों के नाम, स्थान, फोटो/वीडियो या किसी अधिकारी को दी गई शिकायत है, तो उसके आधार पर हमको संपर्क करें हम बनेंगे आपकी आवाज…?
आने वाले समय में और भी विस्तृत गहरी खबर मिलेगी फिलहाल हमारी कार्यवाही जारी है और पिक्चर अभी बाकी है….?















