—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*जबेरा में भगवान विश्वकर्मा की विशाल शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा नगर*
*दो दिवसीय आयोजन में पूजन-हवन के बाद निकली भव्य शोभायात्रा, पुराने तालाब में हुआ प्रतिमा विसर्जन*
*जबेरा से प्रवीण दुबे की रिपोर्ट*
जबेरा। नगर जबेरा में भगवान विश्वकर्मा जयंती का पर्व श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 17 एवं 18 सितंबर 2026 को आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ओम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन, हवन एवं आरती की गई। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के लोगों सहित नगरवासियों ने धार्मिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
गाजे-बाजे के साथ निकली विशाल शोभायात्रा
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर 18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे ओम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर से भगवान विश्वकर्मा की विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान विश्वकर्मा की आकर्षक झांकी सजाई गई थी। आगे बैंड-बाजे और डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
शोभायात्रा विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराने तालाब पहुंची। पूरे मार्ग में “जय श्री विश्वकर्मा” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। समाज के युवा, महिलाएं एवं अन्य श्रद्धालु उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
पुराने तालाब में विधि-विधान से हुआ विसर्जन
शोभायात्रा के पुराने तालाब पहुंचने के बाद भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा का विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने भगवान विश्वकर्मा से सुख, समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। विसर्जन के साथ ही दो दिवसीय विश्वकर्मा जयंती समारोह का समापन हुआ।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद
शोभायात्रा में क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष एन.पी. विश्वकर्मा, हुकम चंद्र, दशरथ विश्वकर्मा, रामकुमार विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा एवं सुभाष विश्वकर्मा सहित समाज के स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके अलावा नगर के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं महिलाएं भी शोभायात्रा में मौजूद रहीं।
दो दिन चला भंडारा
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर समाज की ओर से दो दिनों तक भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन के दौरान समाज के लोगों ने एकजुटता और धार्मिक आस्था का परिचय देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। पूरे आयोजन को लेकर विश्वकर्मा समाज एवं नगरवासियों में उत्साह का माहौल रहा।



















