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*दमोह शहर की चर्चित और सबसे महंगी होटल दमयंती पैलेस में हुआ अग्निकांड दो मृत एक व्यक्ति घायल*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*दमयंती पैलेस अग्निकांड घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर? गैस रिसाव और सुरक्षा इंतजामों की सूक्ष्म जांच जरूरी*

*दमोह शहर की चर्चित और सबसे महंगी होटल दमयंती पैलेस में हुआ अग्निकांड दो मृत एक व्यक्ति घायल*

दमोह। चौपरा रैयतवारी स्थित निजी होटल रॉयल दामयंती/दमयंती पैलेस में 19 सितंबर 2026 को गैस रिसाव के बाद लगी आग की घटना में दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं।

हालांकि हादसे का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक जांच में गैस व्यवस्था से लेकर अग्नि सुरक्षा तक प्रत्येक बिंदु की बारीकी से जांच आवश्यक है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि होटल के किचन अथवा कैटरिंग व्यवस्था में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था या निर्धारित मानकों के अनुरूप कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल किए जा रहे थे। यदि पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति हो रही थी तो पाइपलाइन की फिटिंग, रेगुलेटर, वाल्व, जोड़, लीकेज और रखरखाव की स्थिति क्या थी—इसकी भी तकनीकी जांच की आवश्यकता है।

आखिर अचानक कैसे भड़की आग?

हादसे में गैस रिसाव की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, लेकिन गैस का रिसाव कहां से हुआ, कितनी देर तक हुआ और आग किस माध्यम से भड़की, इसका स्पष्ट उत्तर जांच के बाद ही सामने आएगा। क्या गैस किसी बंद स्थान में एकत्र हुई थी?

क्या किसी विद्युत चिंगारी, चूल्हे अथवा अन्य स्रोत के संपर्क में आने से आग लगी? इन सभी संभावनाओं की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच जरूरी है।

होटल प्रबंधन को गैस व्यवस्था की जानकारी थी या नहीं?

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होना चाहिए कि होटल प्रबंधन को गैस व्यवस्था, सिलेंडरों के भंडारण और किचन की सुरक्षा प्रणाली की नियमित जानकारी एवं निगरानी थी या नहीं। क्या गैस पाइपलाइन और सिलेंडरों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता था? क्या लीकेज की जांच के लिए कोई निर्धारित प्रक्रिया थी? क्या कर्मचारियों को गैस रिसाव या आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया गया था?

इन सवालों के जवाब हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

कमर्शियल होटल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी हो जांच

जांच समिति को केवल गैस रिसाव तक सीमित न रहते हुए होटल की फायर सेफ्टी व्यवस्था, फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास, विद्युत वायरिंग, किचन की व्यवस्था, गैस सिलेंडरों के भंडारण, गैस पाइपलाइन की फिटिंग और सुरक्षा मानकों की भी जांच करनी चाहिए।

साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षमता के अनुरूप कितने लोग मौजूद थे और आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए पर्याप्त सुरक्षित रास्ते उपलब्ध थे या नहीं।

कैटरिंग व्यवस्था की भी हो जांच

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में कैटरिंग के लिए नागपुर से सर्विस बुलाई गई थी। इसलिए जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि कार्यक्रम के दौरान खाना बनाने की पूरी व्यवस्था किसकी जिम्मेदारी थी, गैस और उपकरण किसके द्वारा उपलब्ध कराए गए थे तथा कैटरिंग टीम के पास गैस एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं और प्रशिक्षण था या नहीं।

यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि होटल प्रबंधन और बाहरी कैटरिंग एजेंसी के बीच सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां किस प्रकार निर्धारित थीं।

जांच समिति से सूक्ष्म और निष्पक्ष जांच की अपेक्षा

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा एसडीएम दमोह, एसडीओपी तथा नगरपालिका अधिकारी दमोह की समिति गठित किए जाने के बाद अब उम्मीद है कि समिति घटना के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच करेगी।

जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि—

– गैस रिसाव का वास्तविक स्रोत क्या था?
– घरेलू या कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में से कौन-सा इस्तेमाल हो रहा था?
– सिलेंडर और रेगुलेटर की स्थिति कैसी थी?
– गैस पाइपलाइन थी तो उसकी फिटिंग एवं सुरक्षा मानक क्या थे?
– क्या गैस लीकेज की पूर्व में कोई शिकायत या संकेत मिला था?
– होटल की फायर सेफ्टी व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं?
– कार्यक्रम के लिए कैटरिंग एजेंसी की क्या भूमिका थी?
– होटल प्रबंधन और कैटरिंग संचालक की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी क्या थी?
– क्या अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास पर्याप्त थे?
– घटना के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं?

मीडिया टीम भी जुटा रही जानकारी

इस गंभीर घटना को लेकर हमारी मीडिया टीम भी उपलब्ध तथ्यों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी को जुटा रही है। हालांकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है।

दमोह के प्रमुख होटल परिसरों में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को केवल इस घटना तक सीमित न रहकर गैस सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का नियमानुसार निरीक्षण कराने पर भी विचार करना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि होटल, मैरिज गार्डन और बड़े आयोजन स्थलों पर आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मानकों का पालन हो रहा है।

दो लोगों की मौत के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल दोष तय करना नहीं, बल्कि हादसे का वास्तविक कारण सामने लाना और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जिम्मेदारियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्पष्ट करना है।

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