—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*रोड़ा ग्राम पंचायत में लाखों रुपये के विकास कार्यों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, सरपंच-सचिव पर मिलीभगत के आरोप*
दमोह/पटेरा। जनपद पंचायत पटेरा अंतर्गत ग्राम पंचायत रोड़ा में लाखों रुपये की लागत से कराए गए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में स्वीकृत राशि से कराए गए कई कार्य कागजों में तो पूरे दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मौके पर उनकी स्थिति अलग नजर आ रही है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच सुखदेव रजक और सचिव सचिन हनुमत सिंह पर मिलीभगत कर शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में भी उन्होंने इस मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाने का प्रयास किया था। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को पीले चावल देकर ग्राम पंचायत रोड़ा का निरीक्षण करने का आग्रह किया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर पंचायत में कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन करें और अभिलेखों में दर्ज कार्यों से उनका मिलान करें, तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
14 लाख रुपये की फेंसिंग पर सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत में लगभग 14 लाख रुपये की लागत से कराई गई फेंसिंग को लेकर विशेष आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि मौके पर फेंसिंग का काम पूरा दिखाई नहीं देता और कुछ स्थानों पर ही खंभे लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब कार्य की स्वीकृत राशि लाखों रुपये में है तो मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन आवश्यक है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तथा स्वीकृत राशि, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर और मौके पर हुए निर्माण का मिलान कराया जाए।
9 लाख 58 हजार के पार्क की स्थिति पर भी सवाल
इसी तरह ग्राम पंचायत में लगभग 9 लाख 58 हजार रुपये की लागत से बनाए गए पार्क को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्तर का कार्य अभिलेखों में दर्शाया गया है, मौके पर उसकी स्थिति उससे मेल नहीं खाती।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पार्क का भी मौके पर निरीक्षण कराकर यह पता लगाने की मांग की है कि स्वीकृत राशि के अनुरूप वास्तव में कितना कार्य कराया गया है और निर्माण की गुणवत्ता कैसी है।
ग्रामीणों में आक्रोश, बोले—धरातल पर नजर नहीं आ रहे कार्य
ग्राम पंचायत के कार्यों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीण पुरुषोत्तम तिवारी, लखन सिंह ठाकुर और रामू सिंह लोधी सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर राशि खर्च होने के बावजूद कई कार्य धरातल पर अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कुछ कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच एवं भौतिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कलेक्टर से जांच और रिकवरी की मांग
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से मांग की है कि ग्राम पंचायत रोड़ा में पिछले वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। विशेष रूप से फेंसिंग और पार्क निर्माण का मौके पर निरीक्षण कराकर स्वीकृत राशि, निर्माण सामग्री, माप पुस्तिका, भुगतान और वास्तविक कार्य का मिलान कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या अनियमितता की पुष्टि होती है तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और शासकीय राशि की रिकवरी कराई जाए।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच और मौके के निरीक्षण पर टिकी है। यदि जिला प्रशासन की टीम ग्राम पंचायत रोड़ा पहुंचकर दस्तावेजों के साथ-साथ मौके पर हुए कार्यों का भौतिक सत्यापन करती है, तो लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है।















