—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*गौवंश की रक्षा को लेकर प्रशासन सख्त चौकी प्रभारी समेत एक पुलिसकर्मी निलंबित*
*बंद 26 कैमरे कराए गए चालू, चौकी पर 5 पुलिसकर्मियों की तैनाती*
दमोह। गौवंश की सुरक्षा और सड़क पर मांस विक्रय की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आमजन की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई है।
प्रशासन की कार्रवाई के तहत संबंधित पुलिस चौकी प्रभारी एवं उनके सहयोगी एक पुलिसकर्मी को पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं चौकी क्षेत्र में बंद पड़े 26 कैमरों को दोबारा चालू कराया गया है, ताकि क्षेत्र की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
चौकी को स्थायी रूप से विकसित करने की मांग
बताया गया कि क्षेत्रवासियों की ओर से संबंधित पुलिस चौकी को स्थायी चौकी के रूप में विकसित करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करना है। फिलहाल तत्काल व्यवस्था के तहत 5 पुलिसकर्मियों की पदस्थापना कर ड्यूटी लगाई गई है। पुलिसकर्मियों को लगातार गश्त करने और नियमित रूप से क्षेत्र की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क पर मांस विक्रय की शिकायतों पर भी कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि सड़क पर मांस विक्रय से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कार्रवाई की गई थी और अब दोबारा टीम को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
अतिक्रमण पर नियमानुसार कार्रवाई
अतिक्रमण से जुड़े मामलों को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका द्वारा संबंधित पक्षों को विधिवत नोटिस दिए जाने और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्धारित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अन्य अतिक्रमणों की सूचनाएं भी प्रशासन को प्राप्त हुई हैं। ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर
कलेक्टर ने प्रशासनिक सूचना तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि किसी भी घटना या विवाद की जानकारी समय रहते प्रशासन तक पहुंचे, ताकि संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर समय रहते उसका निराकरण किया जा सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस निगरानी बढ़ने तथा सीसीटीवी कैमरे दोबारा चालू होने से कानून-व्यवस्था और गौवंश सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।


















