दमोह कोतवाली पुलिस द्वारा जनसंवाद एवं राष्ट्रीय साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित साइबर सतर्कता कार्यक्रम

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदोरिया के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन सीएसपी एच.आर. पांडे और टीआई मनीष कुमार के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर सब इंस्पेक्टर वंदना गौर, प्रधान आरक्षक अजीत दुबे, सब इंस्पेक्टर महमूद खान, विद्यालय के प्राचार्य डी.के. मिश्रा, शिक्षकगण — विष्णु शर्मा, विपिन तिवारी, अनीता गौतम, अनीता चौहान, नीलू जैन, रीना चौरेसिया सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्राएँ मौजूद रहीं।
आज के डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग जहाँ एक ओर लोगों के जीवन को आसान बना रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधों की घटनाएँ भी तेजी से बढ़ रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए कोतवाली पुलिस ने इस जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया ताकि बच्चों, विशेष रूप से बालिकाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जा सके और वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या धोखाधड़ी से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि किस प्रकार से अपराधी फिशिंग लिंक, फेक वेबसाइट्स, सोशल मीडिया हैकिंग, ओटीपी फ्रॉड और बैंक विवरण चोरी जैसे अपराधों के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव हेतु कई आवश्यक सावधानियाँ बताईं, जिनमें प्रमुख थीं —
1. किसी भी अनजान व्यक्ति से प्राप्त ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।
2. संदिग्ध लिंक, ईमेल या वेबसाइट पर क्लिक न करें।
3. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी (जैसे फोटो, पता, बैंक विवरण) साझा न करें।
4. फर्जी कॉल या इनाम जीतने जैसे संदेशों से सतर्क रहें।
5. यदि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर धोखाधड़ी का सामना हो, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को बिना समय गंवाए तुरंत शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
शिकायत दर्ज करने के लिए निम्न विकल्प उपलब्ध हैं —
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: www.cybercrime.gov.in
निकटतम पुलिस थाना या साइबर सेल कार्यालय, अथवा
राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिकायत जल्दी दर्ज कराने से धनराशि को ट्रेस कर वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस विभाग द्वारा ऐसे जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन समाज में साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों में विश्वास की भावना को प्रबल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
इन कार्यक्रमों से पुलिस और जनता के बीच संवाद का सेतु मजबूत होता है, जिससे पुलिस विभाग के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ता है और समाज में सुरक्षा का वातावरण बनता है।
कार्यक्रम का समापन पुलिस अधिकारियों द्वारा यह संदेश देते हुए किया गया कि —
“साइबर अपराधों से बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।”
हर व्यक्ति को तकनीकी रूप से जागरूक रहना चाहिए ताकि वह स्वयं और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचा सके।
इस प्रकार कोतवाली पुलिस का यह प्रयास न केवल छात्राओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे कार्यक्रम समाज को डिजिटल रूप से सशक्त, जागरूक और सुरक्षित बनाने में एक सशक्त कदम हैं।















































