—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
समनापुर बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं का खुलासा, निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले समनापुर बालक छात्रावास में लापरवाही और अव्यवस्था का बड़ा मामला सामने आया है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इस छात्रावास का हाल ही में किए गए निरीक्षण में बेहद खराब स्थिति उजागर हुई है, जिससे छात्रावास की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
निरीक्षण में मिली चिंताजनक स्थितियाँ
छात्रों की कम उपस्थिति: छात्रावास में कुल 50 छात्रों का पंजीकरण है, लेकिन निरीक्षण टीम को केवल 7 छात्र ही उपस्थित मिले।
अधीक्षक लापता—मुख्यालय से लंबे समय से गैरहाजिर: छात्रावास के अधीक्षक महीनों से मुख्यालय में निवास नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण व्यवस्थाएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
भोजन और देखभाल की कमी: छात्रों ने बताया कि उन्हें समय पर भोजन नहीं मिलता, साथ ही अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं।
व्यवस्थाएँ चरमराई: अधीक्षक की अनुपस्थिति के चलते न तो भोजन व्यवस्था ठीक है और न ही रहवास की बुनियादी सुविधा।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि छात्रावास को जिन उद्देश्यों के लिए संचालित किया जाता है—जैसे जनजातीय छात्रों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित वातावरण देना—वर्तमान स्थिति उसके बिल्कुल विपरीत है। इससे पढ़ाई और बच्चों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं की तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।













































