*दमोह: अन्नदाता पर ‘भ्रष्टाचार’ की मार, RDSS योजना के नाम पर करोड़ों की अवैध वसूली का खुलासा*
दमोह। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) दमोह जिले में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। किसानों को मुफ्त सिंचाई कनेक्शन और सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए शुरू की गई इस योजना में ठेका कंपनी स्टार डेल्टा के कारिंदों ने लूट मचा रखी है। ताजा मामला जिले के खमरिया, पतलोनी, राजा पटना और इमलिया पुरा सहित दर्जनों गांवों से सामने आया है, जहां ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर गरीब किसानों से अवैध तरीके से करोड़ों रुपए ऐंठने के गंभीर आरोप लगे हैं।
सुपरवाइजर और इंजीनियर की जुगलबंदी: ऐसे बुना वसूली का जाल
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित किसानों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मुख्य मोहरा पतलोनी गांव का निवासी और कंपनी का सुपरवाइजर चंद्रभान लोधी है।
आरोप है कि चंद्रभान ने सरकार की ‘फ्री कनेक्शन’ योजना को हथियार बनाकर किसानों में डर और भ्रम फैलाया। किसानों को बताया गया कि यदि वे पैसा नहीं देंगे, तो उनके खेतों तक न तो खंभे लगेंगे और न ही ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे।
इस भ्रष्टाचार की कड़ियां ऊपर तक जुड़ी होने की आशंका है। चर्चा है कि कंपनी के इंजीनियर अमित डेहरिया की शह पर ही यह अवैध वसूली खुलेआम की गई। जिन किसानों ने विरोध किया, उनके काम को लटका दिया गया, जबकि पैसे देने वालों के खेतों में तत्काल ट्रांसफार्मर रख दिए गए।
*इन गांवों में मचा हड़कंप*
भ्रष्टाचार का यह जाल केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। स्टार डेल्टा कंपनी द्वारा लगभग 200 ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं, जिसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यापक अनियमितताएं देखी गई हैं
* खमरिया, पतलोनी, राजा पटना
* दतला, टोरी, इमलिया पुरा
* मोहरा और आसपास के अन्य ग्राम
अन्नदाता किसानों का कहना है कि एक तरफ सरकार दावा करती है कि सिंचाई के लिए कनेक्शन पूरी तरह निःशुल्क हैं, वहीं दूसरी तरफ फील्ड पर तैनात अधिकारी और ठेकेदार के कर्मचारी मिलकर सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं।
*करोड़ों का घोटाला होने का अनुमान*
यदि प्रत्येक ट्रांसफार्मर और कनेक्शन के नाम पर किसानों से वसूली गई राशि का हिसाब लगाया जाए, तो यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंचता है। गरीब किसान, जो पहले से ही मौसम की मार और कर्ज से परेशान है, उसे अब सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
*उठ रहे हैं गंभीर सवाल*
*जब योजना केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित है, तो किसानों से वसूली क्यों की जा रही है?*
*क्या बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को स्टार डेल्टा कंपनी के इस काले कारनामे की खबर नहीं है?*
*दोषी सुपरवाइजर और इंजीनियर पर अब तक विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई?*
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने अब इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिला प्रशासन से करने का मन बना लिया है।
किसानों की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और अवैध रूप से वसूली गई राशि उन्हें वापस दिलाई जाए।
स्टार डेल्टा जनरल मैनेजर प्रदीप सिंह की भी मिली भगत से कंपनी स्टार डेल्टा को किया जा रहा बदनाम या सोची समझी साजिश














































