—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह— 
*64 वर्षीय दिव्यांग आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल*
दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चोरी के एक प्रकरण में गिरफ्तार 64 वर्षीय दिव्यांग आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। विशेष बात यह है कि आरोपी पर हाल ही में 2 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और इनाम की घोषणा के बाद ही उसे गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी के अनुसार ग्राम निवासी संतोष पटेल (64 वर्ष) के खिलाफ देहात थाना में चोरी का मामला दर्ज था।
प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 331 और 305 बी के तहत अपराध कायम किया गया था। पुलिस अधीक्षक द्वारा 21 फरवरी को आरोपी की गिरफ्तारी पर 2 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। घटना के समय आरोपी को थाने में रखा गया था।
उसके फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि 64 वर्षीय और शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति पुलिस अभिरक्षा से कैसे भाग निकला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोपी चलने-फिरने में असमर्थ है तो सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही हुई होगी।
कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर मिलीभगत तक के आरोप लगाए हैं। मामले में यह भी चर्चा है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इनाम की घोषणा का प्रचार हुआ। इसे लेकर विपक्षी पक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि यदि आरोपी पहले से गिरफ्त में था तो इनाम की घोषणा का औचित्य क्या था। चोरी के मामले में फरियादी पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए न्यायालय में गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि चोरी की वारदात में बड़ी मात्रा में सोना-चांदी और नगदी गई थी, जबकि बरामदगी सीमित बताई जा रही है। फरियादी ने स्वतंत्र जांच की मांग की है।
मौके पर सीएसपी एच.आर. पांडे, टीआई देहात रचना मिश्रा, चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी और सब इंस्पेक्टर विक्रम दांगी सहित पुलिस बल आरोपी की तलाश में जुटा रहा।
सीएसपी पांडे ने स्पष्ट किया कि आरोपी की फरारी गंभीर विषय है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि देहात थाना में पूर्व में भी चोरी के मामलों को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पूरा घटनाक्रम पुलिस सुरक्षा व्यवस्था, गिरफ्तारी प्रक्रिया और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
अब देखना यह होगा कि आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी कब तक होती है और विभागीय जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।






