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*तेजस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र कुमार चौहान की मनमानी*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*वेतन वृद्धि और स्थानांतरण के विरोध में जल प्रदाय योजना के कर्मचारियों में रोष व्याप्त*

*तेजस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र कुमार चौहान की मनमानी*


दमोह। व्यारमा जल समूह प्रदाय योजना के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पीआईयू दमोह के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपेंगे।

कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, समय पर वेतन भुगतान, पीएफ राशि जमा कराने तथा हाल ही में किए गए स्थानांतरण आदेशों को निरस्त करने की मांग उठाई है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे पटेरा एवं हटा क्षेत्र में पिछले लगभग 10 वर्षों से जल संचालन एवं जल प्रदाय व्यवस्था का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और लंबे समय से वेतन वृद्धि भी नहीं की गई।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) की राशि काटी जा रही है, लेकिन संबंधित खातों में जमा नहीं की जा रही है। ज्ञापन देने वालों में सोनू विश्वकर्मा, जितेंद्र राजपूत, बशीर खान, राजेंद्र साहू, पवन देशमुख, युसूफ खान, यूनिस खान, अवध नरेश पटेल, आनंद राजपूत और राहुल राजपूत सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने बताया कि वे तेजस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत जल प्रदाय योजना में कार्यरत हैं और बिना किसी स्पष्ट कारण के कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि कुछ कर्मचारियों का दमोह से महाराष्ट्र स्थानांतरण कर दिया गया।

कर्मचारियों के अनुसार, 8 मई 2026 को उन्होंने वेतन वृद्धि एवं समय पर भुगतान की मांग को लेकर एमडी और प्रोजेक्ट डायरेक्टर को आवेदन दिया था।

इसके बाद कंपनी द्वारा स्थानांतरण की कार्रवाई की गई, जिसे कर्मचारियों ने प्रताड़नात्मक कदम बताया है।

इस संबंध में तेजस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि कर्मचारियों का अप्रैल माह तक का भुगतान कंपनी द्वारा कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि तीन-चार कर्मचारियों का स्थानांतरण कार्य की आवश्यकता के अनुसार किया गया है और जहां काम चल रहा है, वहां कर्मचारियों को भेजा जाएगा।

वहीं पीआईयू के महाप्रबंधक गौरव सराफ ने कहा कि इस पूरे मामले का संचालन कंपनी द्वारा किया जा रहा है और संबंधित विषय पर कंपनी प्रबंधन से चर्चा की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जो कर्मचारी कार्य में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में हटा-पटेरा क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया था, जिसके बाद कंपनी प्रबंधन पर दबाव बढ़ा।

कर्मचारियों का आरोप है कि उसी के बाद यह कार्रवाई की गई। इस दौरान जल परीक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि वे पानी की गुणवत्ता जांच के लिए पीएच मान, कठोरता, आयरन, फ्लोराइड, क्लोराइड, टीडीएस सहित अन्य आवश्यक परीक्षण करते हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि अनुभवी कर्मचारियों को हटाया गया तो जल गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनका स्थानांतरण निरस्त कर पूर्व कार्यस्थल पर पदस्थ किया जाए, पीएफ की जांच कर राशि जमा कराई जाए तथा वेतन वृद्धि और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

कर्मचारियों ने यह चेतावनी दी है कि हम जिला कलेक्टर विधायक सांसद के यहां भी गुहार लगाने जाएंगे अगर कंपनी के कर्मचारी लोकल के व्यक्तियों को इतना क्यों प्रताड़ित कर रहे हैं और कर्मचारियों को न्याय मिल सके ।

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