—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*संजीवनी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर भर्ती कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त*
दमोह। कोतवाली थाना पुलिस ने संजीवनी अस्पताल में फर्जी डॉक्टरों की भर्ती कराने और उनसे करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों द्वारा अर्जित करीब 3 करोड़ 5 लाख 36 हजार 900 रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ चल रही जांच के दौरान की गई।
पुलिस के अनुसार मामले में अपराध क्रमांक 479/26 एवं 480/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3), 338, 336(3) एवं 340(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी
1. हीरा सिंह पिता रामप्रकाश कौशल (44 वर्ष) निवासी कोहेफिजा, भोपाल।
2. आदिल सिद्दीकी पिता स्व. अफजल सिद्दीकी (37 वर्ष) निवासी बाग मुगल खुर्शीद, भोपाल।
पुलिस ने आरोपियों द्वारा फर्जीवाड़े से अर्जित संपत्ति के रूप में निम्न संपत्तियां जब्त की हैं—
एक कार, रजिस्ट्रेशन नंबर MP 04 ZK 0111, अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये।
एक आई-20 कार, रजिस्ट्रेशन नंबर MP 04 YQ 4623, कीमत लगभग 10 लाख रुपये।
एक स्कॉर्पियो वाहन, रजिस्ट्रेशन नंबर MP 04 ZY 6569, कीमत लगभग 15 लाख रुपये।
नकद 2 करोड़ 65 लाख 36 हजार 900 रुपये।
कुल मिलाकर करीब 3 करोड़ 5 लाख 36 हजार 900 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस को 16 मई 2026 को सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में बताया गया था कि डॉ. कुमार सचिन यादव, निवासी सिद्धार्थ एन्क्लेव, भोपाल तथा डॉ. राजपाल गौड़, निवासी कायस्थ पोस्ट मगरसा सीहोर, ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित संजीवनी क्लीनिक सुभाष कॉलोनी, दमोह में चयन प्रक्रिया के दौरान स्वयं को योग्य चिकित्सक प्रदर्शित करने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।
जांच में सामने आया कि दोनों ने एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की कूटरचित प्रतियां प्रस्तुत कर नौकरी हासिल की थी। इस आधार पर उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। पूर्व में पुलिस द्वारा फर्जी डॉक्टर सचिन यादव, राजपाल गौड़ तथा अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक एन.आर. पाण्डेय के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर आरोपी हीरा सिंह कौशल और आदिल सिद्दीकी को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी डॉक्टरों की भर्ती कराने और उनसे आर्थिक लाभ प्राप्त करने का नेटवर्क तैयार किया था। इसी अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को पुलिस ने जब्त किया है।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में शामिल अन्य फर्जी डॉक्टरों और सहयोगियों की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष कुमार, उप निरीक्षक नीतेश जैन, प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन, प्रधान आरक्षक रोकेश अवस्थी, प्रधान आरक्षक अजीत दुबे, प्रधान आरक्षक हेमंत अवस्थी, प्रधान आरक्षक अभिषेक चौबे, आरक्षक ओमप्रकाश रैकवार, आरक्षक आयुष मिश्रा तथा आरक्षक नवल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












































