—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*आरईएस कार्यालय में घुसकर कर्मचारी से मारपीट कर्मचारियों ने एसपी से की सख्त कार्रवाई की मांग*
दमोह। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग के कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति ने कार्यालय में घुसकर शासकीय कर्मचारी के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी। घटना के बाद विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया और उन्होंने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरदीप अग्रवाल नामक व्यक्ति आरईएस कार्यालय पहुंचा, जहां उसने सहायक ग्रेड-3 राजीव लोचन चौबे के साथ पहले विवाद किया और फिर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। कार्यालय के भीतर अचानक हुए हंगामे और शोर-शराबे की आवाज सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा बीच-बचाव कर कर्मचारी को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया।
घटना के बाद कर्मचारियों ने इसे शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
आरईएस की कार्यपालन यंत्री अदिति ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्यालय में घुसकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई, कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेज दी गई है तथा आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में इस प्रकार की घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
सूत्रों के अनुसार घटना के पीछे करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पूर्व कार्यपालन यंत्री के कार्यकाल में 60/84 मद के अंतर्गत ग्रेवल सड़कों के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि कई निर्माण कार्यों को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं और कुछ सड़कों के निर्माण को लेकर जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
नई कार्यपालन यंत्री अदिति ठाकुर द्वारा कार्यभार संभालने के बाद संबंधित कार्यों की जांच प्रारंभ कराई गई तथा संदिग्ध भुगतान पर रोक लगाए जाने की बात भी सामने आ रही है। इसी पृष्ठभूमि में कार्यालय में हुई मारपीट की घटना को लेकर विभिन्न चर्चाएं चल रही हैं।
हालांकि करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और फर्जी निर्माण कार्यों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद आरईएस विभाग के कर्मचारियों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट और धमकी देने जैसी धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो शासकीय कार्य प्रभावित होंगे।
फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आरोपी के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













































