—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दमोह पुलिस की बड़ी कामयाबी सूखी पिपरिया लूटकांड का पर्दाफाश* 
*दो आरोपी गिरफ्तार ₹8.50 लाख का माल बरामद वैज्ञानिक जांच और 30 सदस्यीय टीम की मेहनत लाई रंग*
दमोह। जिले के नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत ग्राम सूखी पिपरिया में 4 जुलाई 2026 की रात हुई करीब ₹12.70 लाख की सनसनीखेज लूट का दमोह पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से ₹8.50 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा और धारदार कटर बरामद किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गंभीर अपराधों के प्रति दमोह पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और समन्वित कार्यशैली अपराधियों पर भारी पड़ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई 2026 की रात करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच ग्राम सूखी पिपरिया निवासी विजय जैन के घर चार अज्ञात बदमाश हथियारों से लैस होकर घुस आए।
बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की और घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण तथा नगदी सहित लगभग ₹12.70 लाख की संपत्ति लूटकर फरार हो गए। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।
सूचना मिलते ही थाना दमोह देहात पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और साइबर टीम की मदद से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। जिले सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में तत्काल नाकाबंदी कराई गई ताकि आरोपी भाग न सकें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगी (भा.पु.से.) ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹10,000 के इनाम की घोषणा की। उनके निर्देश पर लगभग 30 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की 6 विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने लगातार कई दिनों तक दमोह और आसपास के जिलों में दबिश दी। जांच के दौरान करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए तथा अनेक संदिग्धों से पूछताछ की गई।
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पाण्डेय के सतत मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के आधार पर शंकर यादव एवं राहुल अहिरवार को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, मोटरसाइकिल, धारदार कटर तथा लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज़ी से जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 सोने के हार, 1 सोने का मंगलसूत्र, 1 सोने की बेंदी, 2 सोने की अंगूठियां, 2 चांदी की करधनी, 1 चांदी की पायल, 1 चांदी की चैन, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा तथा धारदार कटर बरामद किया है। बरामद संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य ₹8.50 लाख है।
– शंकर यादव, पिता राजेश यादव, निवासी दमोह।
– राहुल अहिरवार, पिता नन्हे भाई अहिरवार, निवासी दमोह।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगी (भा.पु.से.) ने किया। संपूर्ण अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री एच.आर. पाण्डेय ने की।
मैदानी स्तर पर थाना प्रभारी दमोह देहात निरीक्षक धर्मेन्द्र उपाध्याय तथा चौकी प्रभारी नरसिंहगढ़ उप निरीक्षक रोहित द्विवेदी ने अपनी टीम के साथ लगातार मेहनत कर इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्रवाई में उप निरीक्षक धर्मेन्द्र गुर्जर, उप निरीक्षक नीतेश जैन, उप निरीक्षक विक्रम दांगी, उप निरीक्षक प्रियंका पटेल, सहायक उप निरीक्षक रमाशंकर मिश्रा सहित प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों की पूरी टीम ने दिन-रात मेहनत कर तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच को अंजाम दिया।
इस पूरे मामले में दमोह पुलिस ने जिस तेजी, तकनीकी दक्षता और समन्वय के साथ कार्रवाई की, वह सराहनीय है।
वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग और लगातार दबिश के चलते पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की।
इससे आम जनता में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है तथा अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि दमोह जिले में गंभीर अपराध करने वालों को कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं होगा।











































