—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*बारिश को हराकर निकली सकल असाटी समाज दमोह की विशाल कावड़ यात्रा श्री देव जटाशंकर धाम में किया जलाभिषेक*


दमोह। सकल असाटी समाज दमोह के तत्वावधान में रविवार को आयोजित विशाल कावड़ यात्रा भारी बारिश के बीच भी श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के साथ संपन्न हुई। तेज बारिश भी शिवभक्तों के कदम नहीं रोक सकी। कांवड़ियों ने पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष करते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कावड़ यात्रा का शुभारंभ शहर के टॉकीज तिराहा स्थित श्री राम मंदिर से विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन के साथ हुआ। मातृशक्तियों द्वारा पूजन संपन्न कराया गया और श्रद्धालुओं ने नर्मदा जी का पवित्र जल कांवड़ों में भरकर यात्रा प्रारंभ की। भगवान भोलेनाथ के पूजन के पश्चात कांवड़ यात्रा श्री राम मंदिर से बकौली चौक, घंटाघर, अस्पताल चौराहा और कोतवाली चौराहा होते हुए श्री देव जटाशंकर धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
बारिश भी नहीं रोक सकी शिवभक्तों का उत्साह
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर तेज बारिश हुई, लेकिन कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। बारिश के बीच भी महिलाएं, पुरुष, युवा, छोटे बच्चे और वरिष्ठजन कांवड़ लेकर आगे बढ़ते रहे। श्रद्धालु भक्ति में मग्न होकर नाचते-गाते और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल रहे।
यात्रा के मार्ग में बकौली चौक, घंटाघर, अस्पताल चौराहा, कोतवाली चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फल, पानी और पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया और भगवान शिव के जयकारे लगाए।
छोटे बच्चों से लेकर मातृशक्ति और वरिष्ठजन हुए शामिल
इस विशाल कावड़ यात्रा की विशेषता यह रही कि इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चे भी कांवड़ लेकर उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। महिलाओं और मातृशक्ति ने भी कांवड़ उठाकर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। युवाओं ने पूरी यात्रा में विशेष ऊर्जा और उत्साह के साथ व्यवस्थाओं में सहयोग किया, वहीं वरिष्ठजनों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
यात्रा में सबसे आगे समाज का बैनर रहा। इसके पीछे जटाशंकर धाम डमरू दल ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को शिवमय बना दिया। डमरू की गूंज, भोलेनाथ के जयकारे और भक्तों के नृत्य से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया।
भोले स्वरूप बने आकर्षण का केंद्र
कावड़ यात्रा में दीपक असाटी, अप्सरा और अनंत असाटी द्वारा प्रस्तुत भोले स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन किए और जयकारे लगाकर अपनी आस्था व्यक्त की। भोले स्वरूपों ने पूरे आयोजन के धार्मिक वातावरण को और भी आकर्षक बना दिया।
असाटी समाज ने दिया एकता का संदेश
समाजजनों ने कहा कि इस विशाल कावड़ यात्रा में छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं, मातृशक्ति, युवाओं और वरिष्ठजनों तक ने जिस उत्साह के साथ सहभागिता की, वह समाज की एकजुटता का प्रतीक है। भारी बारिश के बावजूद यात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ।
समाजजनों ने कहा कि “बारिश हो या कोई भी परिस्थिति, दमोह का असाटी समाज एक था, एक है और एक रहेगा।” इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया।
महिला समिति और युवा टीम का सराहनीय सहयोग
कावड़ यात्रा को सफल बनाने में दमोह असाटी समाज महिला समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिला टीम ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला और पूरे उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की। वहीं समाज की युवा टीम ने व्यवस्थाओं से लेकर यात्रा को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने तक महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
श्री देव जटाशंकर धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि एवं समाज की खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से जटाशंकर धाम का वातावरण शिवमय बना रहा।














































