फार्मर रजिस्ट्री में दमोह तहसील अव्वल, अब तक 1 लाख 86 हजार किसानों ने कराया पंजीयन पथरिया दूसरे और हटा तीसरे नंबर पर
दमोह जिले में पिछले दिनों से लगातार ही फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी आई है और फार्मर रजिस्ट्री के साथ ही जिले में अब तक एक लाख 86 हजार 400 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है। यह लक्ष्य 90.63 फीसदी है। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले सभी 2 लाख 5 हजार 670 किसाने की फार्मर रजिस्ट्री करने का लक्ष्य फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया लगभग 8 माह पहले शुरू हुई थी,जिसमें अभी तक 1 लाख 86 हजार 400 किसानों ने रजिस्ट्री कराई है।
अधीक्षक भू अभिलेख वर्षा दुबे ने बताया कि जिले में लगातार ही फार्मर रजिस्ट्री के पंजीयन का कार्य जारी है। जिले में वर्तमान में दमोह तहसील अव्वल स्थान पर है। दमोह तहसील में अब तक 94.66 प्रतिशत किसाने की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है। वहीं पथरिया तहसील में 94.66% किसाने की फॉर्मर रजिस्ट्री के साथ दूसरे और हटा तहसील 92.29% फार्मर रजिस्ट्री के साथ प्रतिशत के आधार पर तीसरे स्थान पर है।
अलग अलग तहसीलो का रिकार्ड
जिले की दमोह तहसील में 34033 किसानों में से अभी तक 32217 किसान,जबेरा तहसील में 33484 किसानों में से 29789, पथरिया तहसील में 30232 में से 28525, बटियागढ़ में 26879 में से 24379, हटा में 25072 में से 23139, पटेरा में 25755 में से 22939, तेंदूखेड़ा में 27243 में से 22768 तथा दमयतीं नगर में 2972 में से 2644 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है।
अधीक्षक भू अभिलेख वर्षा दुबे ने बताया कि कृषकों को आसानी से केसीसी ऋण कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हो सके तथा हितग्राही मूलक योजनाओं का निर्धारण एवं सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक कृषक भूस्वामी को एक यूनिक आईडी भारत सरकार द्वारा जनरेट कर प्रदान की जा रही है।
किसानों को अब केंद्र की 6 प्रमुख योजनाओं के लिए अलग-अलग आफिस नहीं जाना होगा। सहायता योजना, कृषि ऋण, मुख्यमंत्री किसान स्वास्थ्य कार्ड, कृषि मृदा मशीनीकरण योजना सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही फार्मर आईडी कार्ड से मिल सकेगा। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक भविष्य में पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्त करने किसानों की फार्मर आईडी होना अनिवार्य होगा।
फार्मर रजिस्ट्री के अतर्गत प्रत्येक कृषक भूमिस्वामी को एक यूनिक आईडी जनरेट कर प्रदान की जा रही है ताकि कृषकों को आसानी से केसीसी ऋण कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हो सके और हितग्राहीमूलक योजनाओं हेतु लक्ष्य निर्धारण एवं कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।












































