—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
पति ने पत्नी की चाकू मारकर हत्या की, न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सज़ा
दमोह में अक्टूबर 2024 में हुई पत्नी की हत्या के एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को सश्रम आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। न्यायाधीश पंकज कुमार वर्मा की अदालत ने आरोपी रितेश उर्फ राजा ठाकुर, निवासी पुरैना, को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने उस पर 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
घटना का विवरण
तारीख: 20 अक्टूबर 2024 की शाम
परिवादी और बस ड्राइवर हराराम साहू बस स्टैंड पर अपनी बस धो रहे थे।
उसी समय बस का कर्मचारी और आरोपी रितेश की पत्नी गीता पानी लेने वहाँ पहुँची।
आरोपी रितेश शराब के नशे में था और पत्नी को घर जाने के लिए कह रहा था। उसकी पत्नी द्वारा मना करने पर उनके बीच विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया।
मौजूद लोगों ने दोनों को अलग कर विवाद शांत कराया।
लेकिन कुछ देर बाद आरोपी पुनः वहाँ लौटा और पत्नी गीता के सीने में चाकू घोंप दिया। वार गंभीर होने के कारण गीता लहूलुहान हो गई। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
न्यायालय में सुनवाई
बचाव पक्ष का तर्क
आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि—
हत्या में प्रयुक्त चाकू जब्त नहीं हुआ,
घटनास्थल से कोई सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त नहीं की गई,
यदि ये साक्ष्य होते तो आरोपी निर्दोष सिद्ध हो सकता था।
न्यायालय की टिप्पणी
न्यायालय ने इन तर्कों को अस्वीकार करते हुए कहा—
जब चश्मदीद गवाहों के बयान पूरी तरह चिकित्सकीय साक्ष्य से मेल खाते हों,
तब मात्र हथियार बरामद न होना या सीसीटीवी न मिलना अभियोजन की कहानी को संदेहास्पद नहीं बनाता।
अदालत ने यह भी कहा कि युद्ध स्तर पर जुटाए गए साक्ष्य और गवाहों के बयान स्पष्ट रूप से यह साबित करते हैं कि हमला आरोपी ने ही किया था।
BNS की धारा 103
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, हत्या के अपराध के लिए दंड का प्रावधान करती है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई l











































