*जबेरा के ग्राम भिनेनी और बांदकपुर खरेड़ा के किसानों ने रखी अपनी बात*
*किसान बोले –स्टार डेल्टा कंपनी का नाम हमने अभी तक सुना भी नहीं*
*क्या लोकल के ठेकेदारों के द्वारा उगाए गए पैसे… सूत्र*
दमोह। जिले के जबेरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भिनेनी ग्राम बिछिया के किसान ओंकार साहू ने बताया कि विद्युत डीपीआर किसानों के खेतों में RDSS योजना के तहत निशुल्क राखी गई किसी व्यक्ति के द्वारा पैसों की मांग नहीं रखी गई l
किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने किसी कंपनी या अन्य व्यक्ति को पैसे नहीं दिए।
लेकिन बांदकपुर के ग्राम खरेड़ा के किसानों ने बताया कि उन्होंने केवल लाइनमैन साहू एवं हिंडोरिया क्षेत्र से जुड़े एक कर्मचारी “भाईजान” को पैसे दिए थे, जो गांव में आते-जाते रहते थे और हम इनको पहचानते है।
ग्रामीणों का कहना है कि उसी दौरान कार्य करवाने के नाम पर पचास हजार की राशि ली गई थी।
ग्राम भिनेनी के स्थायी विद्युत कनेक्शनधारी किसान कृष्ण, लक्ष्मण सिंह, कल्याण सिंह, सुरेंद्र साहू, नितिन साहू, गोविंद ठाकुर एवं पंचम ठाकुर ने संयुक्त रूप से बताया कि गांव में डीपीआर रखे जाने एवं बिजली से संबंधित प्रक्रियाओं के दौरान किसी भी स्टार डेल्टा कंपनी वा विभागीय अधिकारी या कर्मचारी ने उनसे कोई अवैध राशि नहीं मांगी।
किसानों ने कहा कि गांव में जो चर्चाएं फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से खेती-किसानी कर रहे हैं और बिजली विभाग से जुड़े कई कार्य होते रहे हैं, लेकिन इस मामले में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं हुई। उनका कहना है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते स्टार डेल्टा कंपनी की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर ग्राम खरेड़ा के किसानों ने अलग तथ्य सामने रखे। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में डीटीआर बिजली लाइन एवं अन्य कार्यों के दौरान उनसे पैसे लिए गए थे।
किसानों का कहना है कि उस समय कार्य करवाने के नाम पर राशि ली गई, लेकिन किसी कंपनी का नाम सामने नहीं आया।
खरेड़ा के ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने स्टार डेल्टा कंपनी का नाम पहली बार सुना है और गांव में कंपनी का कोई प्रतिनिधि सीधे संपर्क में नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी ने कंपनी का नाम लेकर वसूली की है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
लेकिन जानकारी के अनुसार विगत माह स्टार डेल्टा कंपनी को लेकर कुछ समाचार भी सामने आए थे, जिनमें टोरी, देवरी जमादार एवं राजा पटना क्षेत्र के कुछ किसानों द्वारा आरोप लगाए गए थे कि बिजली कार्यों के दौरान कुछ DTR रखते समय अधिकारियों और कर्मचारियों को पैसे दिए गए।
विगत महीना पहले mpeb के उच्च अधिकारिओ के द्वारा इसकी जांच की गई थी जांच में स्टार डेल्टा कंपनी का नाम नहीं आया और क्लीन चिट भी दे दी गई थी l
हालांकि अब करीब तीन माह बीत चुके है उन्हीं क्षेत्रों से किसानों के बदले हुए बयान सामने आने लगे हैं, जिससे पूरा मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
**क्या स्थानीय ठेकेदारों ने काम लेने की एवज से कंपनी को किया बदनाम और किसानों से लाखों की रकम वसूली…?
मामला पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के यहां तक पहुंच चुका था उन्होंने फटकार भी लगाई थी कि हमारे किसान भाइयों से जिसने भी अवैध वसूली की है जांच कर कार्यवाही की जाएगी l
इधर स्टार डेल्टा ट्रांसमिशन कंपनी के जनरल मैनेजर प्रदीप सिंह ने मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ ठेकेदारों के द्वारा और संभवतः उन्हीं लोगों ने किसानों से पैसे लिए होंगे।
उन्होंने कहा कि जैसे ही मामला प्रकाश में आया और मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली, कंपनी द्वारा संबंधित स्थानीय ठेकेदारों का भुगतान कर दिया गया है।
साथ ही स्पष्ट किया गया कि भविष्य में ऐसे लोगों से कार्य नहीं करवाया जाएगा, क्योंकि कंपनी की छवि लगातार खराब करने की कोशिश की जा रही है।
प्रदीप सिंह ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है और यदि किसी ने कंपनी का नाम लेकर अवैध वसूली की है तो उसकी जांच होनी चाहिए।
इसकी जांच mpeb के उच्च अधिकारी कर सकते हैं उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी किसी भी प्रकार की अनियमितता को बढ़ावा नहीं देती। ग्रामीणों के बयानों के बाद यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई हो सके और किसी निर्दोष संस्था या व्यक्ति की छवि धूमिल न हो। किसानों ने प्रशासन और mpeb के वरिष्ठ अधिकारियो से मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाई जाए।
**लोकल ठेकेदारो के नाम आने की संभावना**
वहीं हमारी न्यूज़ टीम लगातार पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। उन तथाकथित स्थानीय ठेकेदारों और स्थानीय लोगों की तलाश जारी है, जिन पर गरीब किसानों के साथ छल और अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं।
मामले से जुड़े कई और तथ्य सामने आने की संभावना है।
फिलहाल जांच और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर यह साफ है कि पूरा मामला कई स्तरों पर उलझा हुआ है।
“पिक्चर अभी बाकी है” — आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।












































