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*बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ दमोह में जागरूकता की मजबूत पहल विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण संदेश*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ दमोह में जागरूकता की मजबूत पहल विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण संदेश*

दमोह। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर दमोह जिला प्रशासन, श्रम विभाग एवं संकल्प समाजसेवी संस्था द्वारा एक सराहनीय और जनजागरूकता से भरपूर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर कार्यालय स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल श्रम एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा समाज की सहभागिता से इनके उन्मूलन का संकल्प लेना रहा।

कार्यक्रम में बाल श्रम और बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विषय विशेषज्ञों ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाकर बच्चों को सुरक्षित और शिक्षित जीवन दिलाने में सहयोग करे।

कार्यशाला के आयोजक एवं संकल्प समाजसेवी संस्था के देवेंद्र दुबे ने संस्था द्वारा जिले में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से संभव है।

कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजीव मिश्रा ने बाल कल्याण से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी तथा लोगों से इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

श्रम अधिकारी सुश्री आशा ने बाल श्रम निषेध कानून की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बाल श्रमिकों की पहचान होने पर किस प्रकार कानूनी कार्रवाई की जाती है तथा बच्चों के पुनर्वास के लिए क्या प्रावधान हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल श्रम की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।

कार्यक्रम में जिले की विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। जिला पंचायत सदस्य रजनी ठाकुर, समाजसेवी संगीता श्रीधर, बाल कल्याण समिति सदस्य रश्मि वर्मा, भारत विकास परिषद की किरण गोस्वामी, सुजात खान, टीआई अमित मिश्रा, दीपक सेन, मनीष सोनी, विनय असाटी, धीरज अहिरवार, संजय शर्मा, सौरभ पोराणिक, जाशिद खान, मनोज रजक एवं रोशन प्रजापति सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपने विचार रखे और सामाजिक जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह के विरुद्ध समाज में व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है। इस दिशा में श्रम विभाग एवं संकल्प समाजसेवी संस्था द्वारा आयोजित यह कार्यशाला अत्यंत प्रशंसनीय और अनुकरणीय पहल है, जिसने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक चिंतन का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाल विवाह मुक्त दमोह जिला बनाने की शपथ ली तथा इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का सफल संचालन खुशबू तिवारी ने किया। उपस्थित लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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