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*टेट की अनिवार्यता के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ का विशाल प्रदर्शन प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*टेट की अनिवार्यता के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ का विशाल प्रदर्शन प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

दमोह। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी/टेट) की अनिवार्यता के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले जिले के हजारों शिक्षकों ने मंगलवार को विशाल प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता लागू करना अन्यायपूर्ण है। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय जो नियम लागू थे, उन्हीं के आधार पर उन्होंने सेवा ग्रहण की थी। ऐसे में वर्षों बाद नए नियम लागू कर उन्हें पुनः पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना प्राकृतिक न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के विपरीत है।

मध्यप्रदेश शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने स्पष्ट किया कि संगठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और सेवा हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से इस संबंध में संसद में अध्यादेश लाने का अनुरोध कर रहा है।

संभागीय अध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार जैन ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009-10 तथा 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा जारी अधिसूचना में शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रावधान किया गया था। इसलिए संगठन की मांग है कि उक्त नियम को उसके प्रभावी होने की तिथि से ही लागू माना जाए तथा 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।

उन्होंने कहा कि विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्णयों में भी यह सिद्धांत प्रतिपादित किया गया है कि किसी प्रक्रिया के प्रारंभ होने के बाद उसके नियमों में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ऐसे में 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को बाद में लागू किए गए नियमों के दायरे में लाना न्यायसंगत नहीं है।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि देश और प्रदेश में लाखों शिक्षक पिछले 25 से 30 वर्षों से राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक चेतना एवं चरित्र निर्माण के कार्य में समर्पित भाव से लगे हुए हैं। ऐसे में उनके सेवा हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक संशोधन करना चाहिए।

ज्ञापन एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार जैन, पारस जैन, महेंद्र कुमार जैन, कमलेश सेन (जिला अध्यक्ष), संजय पाठक, महेश कुमार गुप्ता (जिला सचिव), अरविंद चौराहा, मनीष भारद्वाज, नितेश पाठक, संदीप सोनी, अशोक साहू, जितेंद्र खटीक, मुन्नालाल पटेल, अरविंद पटेल, महेश प्रसाद विश्वकर्मा, शरद ताम्रकार, अमित जैन, देवेंद्र तंतुबाय, भागचंद जैन, दौलत सिंह ठाकुर, मुलायम सिंह पटेरा, निलेश जैन, विवेक दुबे, सुरेंद्र सिकर्रा, सत्यनारायण तिवारी, आसिफ अंजुम, राकेश हजारी, मनोहर दुबे, ताहिर खान, विपिन चौबे, मुकेश सराफ, देवेंद्र ठाकुर, सुरेंद्र राय, संतोष रंजक, खिलान सिंह ठाकुर, एल.पी. चौरसिया, लक्ष्मण सिंह ठाकुर, हरीश अहिरवाल, राजू गांगरा, आर.बी. सिंह, निशा चौकसे, विनीता जैन, देवीलाल पटेल, सोनू मुंडा, अविनाश तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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