—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दमोह में दवा युक्त गेहूं की आशंका से चार मासूमों की तबीयत बिगड़ी 5 वर्षीय बच्चे की मौत*
दमोह। जिले के हिण्डोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम आनु में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें एक ही परिवार के चार मासूम बच्चे कथित रूप से कीटनाशक दवा से उपचारित गेहूं के संपर्क में आने के बाद गंभीर रूप से बीमार हो गए। इनमें 5 वर्षीय धर्मेंद्र प्रजापति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों का जिला अस्पताल दमोह में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र प्रजापति (5 वर्ष), रीना (3 वर्ष), दिनेश (7 वर्ष) और दीपक (9 वर्ष) शुक्रवार रात अपने घर के एक कमरे में सो रहे थे। परिजनों का कहना है कि उसी कमरे में कीटनाशक दवा से उपचारित गेहूं भी रखा हुआ था। शनिवार सुबह बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में परेशानी, घबराहट और बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद परिजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल दमोह लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं तीनों अन्य बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया गया। अस्पताल में डॉ. मधुर चौधरी, डॉ. ललिता, डॉ. राजेश नामदेव और डॉ. सुनील जैन सहित चिकित्सा टीम बच्चों की निगरानी कर रही है।
परिजनों का आरोप है कि गेहूं में डाली गई दवा की तेज दुर्गंध के कारण बच्चों की हालत बिगड़ी। हालांकि बीमारी और मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही हिण्डोरिया थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है तथा रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सावधानी बेहद जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार अनाज संरक्षण के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ कीटनाशक एवं फ्यूमिगेशन दवाएं बंद स्थानों में जहरीली गैस छोड़ सकती हैं, जो विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए घातक साबित हो सकती हैं।
सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां:
कीटनाशक दवा मिले अनाज को रहने या सोने वाले कमरों में न रखें।
दवाओं का उपयोग कृषि विशेषज्ञों के निर्देशानुसार करें।
उपचारित अनाज को हवादार एवं सुरक्षित स्थान पर रखें।
बच्चों को रासायनिक पदार्थों से दूर रखें।
किसी भी प्रकार की दुर्गंध, घुटन या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
यह दुखद घटना ग्रामीण क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं के सुरक्षित उपयोग और भंडारण के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।













































