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*झापन घाट पुल पर मंडराया आवागमन संकट एक वर्ष बाद भी नहीं बना डायवर्सन*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*झापन घाट पुल पर मंडराया आवागमन संकट एक वर्ष बाद भी नहीं बना डायवर्सन*

*बारिश बढ़ते ही सागर-जबलपुर संपर्क टूटने की आशंका ग्रामीणों में आक्रोश*


***झलौन से मुकेश जैन की रिपोर्ट***

तेंदूखेड़ा क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-21 पर झापन घाट पुल एक बार फिर आवागमन संकट के केंद्र में आ गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि आगामी दिनों में तेज वर्षा हुई तो पुल क्षेत्र से आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है। इससे सागर-जबलपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष जुलाई माह में अत्यधिक बारिश के कारण झापन घाट पुल का स्लैब बह गया था, जिससे यह महत्वपूर्ण मार्ग लंबे समय तक बंद रहा था। उस दौरान लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा था और दैनिक आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। वर्तमान में भी स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोग जोखिम उठाकर इसी मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।

स्थानीय नागरिक मुकेश जैन और अशोक कुमार का कहना है कि कई वाहन चालक समय और दूरी बचाने के लिए खतरे के बावजूद इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि झलौन, तेंदूखेड़ा, सागर और जबलपुर को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है। यदि बारिश के कारण यह मार्ग बंद होता है तो यात्रियों को लगभग 20 से 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।

वर्तमान में सागर-जबलपुर और झलौन क्षेत्र के बीच की दूरी लगभग 105 किलोमीटर है, लेकिन मार्ग बाधित होने पर यह दूरी और बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, किसानों, विद्यार्थियों तथा आपातकालीन सेवाओं पर पड़ेगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के अधिकारियों ने बारिश से पहले करीब 4.30 करोड़ रुपये की लागत से डायवर्सन एवं वैकल्पिक मार्ग निर्माण का आश्वासन दिया था। तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कोचर द्वारा भी समय रहते आवश्यक कार्य पूर्ण कराने की बात कही गई थी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई ठोस निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

ग्रामीण राम बिहारी और रामरतन सिंह का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आगामी छह माह तक क्षेत्रवासियों को आवागमन संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बसों और अन्य यात्री वाहनों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना होगा, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे।

इस संबंध में एमपीआरडीसी सागर के अधिकारी मुकुल चौरसिया ने बताया कि डायवर्सन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा अनुबंध संबंधी कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि अब बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए फिलहाल निर्माण कार्य संभव नहीं है। बारिश समाप्त होने के बाद ही कार्य शुरू कराया जा सकेगा।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है, ताकि सागर-जबलपुर मार्ग पर यातायात सुचारु बना रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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