—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*जबेरा जनपद CEO रामेश्वर पटेल से पक्ष लेने पहुंचे पत्रकार नहीं मिला जवाब*
*जबेरा के जनपद सीईओ रामेश्वर पटेल की मनमानी डिप्टी कमिश्नर लिखा उनकी गाड़ी पर*
*वाहन पर ‘Deputy Commissioner’ नेम प्लेट को लेकर जांच की मांग जिला कलेक्टर ले संज्ञान*

दमोह/जबेरा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रामेश्वर पटेल द्वारा उपयोग किए जा रहे शासकीय वाहन पर “Deputy Commissioner” लिखी नेम प्लेट और हूटर लगाए जाने को लेकर उठे सवालों के बीच गुरुवार को स्थानीय पत्रकार उनका पक्ष जानने पहुंचे।
हालांकि, पत्रकारों का कहना है कि उन्हें अधिकारी का जवाब नहीं मिल सका।
स्थानीय त्रकार प्रवीण दुबे तथा जन जागरण संदेश के जिला ब्यूरो चीफ एवं एमपी अपडेट के संपादक संदीप शर्मा के अनुसार उन्होंने पहले कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
इसके बाद वे जनपद कार्यालय पहुंचे जहां भी उन्हें अधिकारी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
ऐसा माना जा रहा है क्या किसी जनप्रतिनिधि का उनका संरक्षण तो नहीं इसलिए पत्रकारों को कर रहे हैं इग्नौर
संबंधित दोनों पत्रकारों का कहना है कि किसी भी विवाद या सार्वजनिक महत्व के विषय में संबंधित अधिकारी का पक्ष लेना पत्रकारिता का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
उनका कहना है कि यदि अधिकारी संवाद से बचते हैं तो इससे अनावश्यक शंकाएं और सवाल पैदा होते हैं।
इस बीच स्थानीय नागरिकों ने भी शासकीय वाहन पर “Deputy Commissioner” लिखी नेम प्लेट हूटर और अन्य उपकरणों की वैधानिकता की जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि यह सब शासन के नियमों के अनुरूप है तो प्रशासन इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करे और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
दोनों पत्रकारों ने यह भी कहा है कि वे इस पूरे मामले से दमोह कलेक्टर को अवगत कराएंगे तथा वाहन पर प्रदर्शित पदनाम और अन्य उपकरणों की वैधानिकता की जांच का अनुरोध करेंगे।
हालांकि इस संबंध में जनपद पंचायत जबेरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामेश्वर पटेल का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
यदि वे अपना स्पष्टीकरण या पक्ष प्रस्तुत करते हैं तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
यह संस्करण आरोपों को आरोप के रूप में प्रस्तुत करता है तथ्यों और राय में अंतर बनाए रखता है और संबंधित अधिकारी को जवाब देने का अवसर देता है।
संबंधित अधिकारी के लिए सात दिवस का अवसर दिया जाता है आप आरोप प्रत्यारोप रूप कर सकते हैं इसके लिए जिला न्यायालय दमोह अधिमान्य होगा…?









































