—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*मुक्तिधाम तक पहुंचना बनी बड़ी चुनौती ग्रामीणों में आक्रोश जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान अब कौन करेगा समाधान*

*जबेरा से प्रवीण दुबे की रिपोर्ट*
दमोह/सिंग्रामपुर के टगरा मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी पर पुल नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। अंतिम संस्कार जैसी अत्यंत आवश्यक स्थिति में भी परिजनों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
हाल ही में गांव के एक व्यक्ति के निधन के बाद इस समस्या की गंभीरता सामने आई। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण शव को मुक्तिधाम तक ले जाना संभव नहीं हो सका। परिजनों और ग्रामीणों को करीब 5 से 6 घंटे तक शव को घर पर ही रखना पड़ा। बाद में नदी का बहाव कुछ कम होने पर ग्रामीणों ने कमर तक भरे पानी में नदी पार की और मृतक को मुक्तिधाम तक पहुंचाकर अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या वर्षों पुरानी है। मुक्तिधाम तक सुरक्षित आवागमन के लिए नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण सामूहिक रूप से आवेदन भी दे चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन वर्ष पूर्व आरईएस विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कराया गया था। निरीक्षण के बाद पुल निर्माण से संबंधित फाइल भी तैयार की गई थी, जिसमें निर्माण की अनुमानित राशि करीब 40 लाख रुपये बताई गई थी। इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी नदी पार कर मुक्तिधाम तक पहुंचना आसान नहीं है, जबकि बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यह रास्ता बेहद जोखिमपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में किसी परिवार में मृत्यु होने पर परिजनों को अपने प्रियजन को खोने के दुख के साथ-साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने में भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीण जन कल्याण चौधरी, बबलू चौधरी, राजकुमार बंसल, छोटू बंसल, आशा, महेश और संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टगरा मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम तक सुरक्षित आवागमन के लिए नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में दिए गए आवेदन और विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर लंबित प्रकरण को दोबारा गंभीरता से लिया जाए तथा आवश्यक बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए किसी भी परिवार को भविष्य में इस तरह की परेशानी और जोखिम का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्थायी समाधान बेहद जरूरी है।
अब देखना होगा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
MP update news 24/7
सब की ख़बर सब पर नज़र






















