Home » अपराध » Mp » *दमोह जिले के पहले ‘राहवीर’ बने दो भाई, घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान*

*दमोह जिले के पहले ‘राहवीर’ बने दो भाई, घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*दमोह जिले के पहले ‘राहवीर’ बने दो भाई, घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान*

*योगेश सुमन और रत्नेश सुमन को शासन ने दी 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र कलेक्टर ने किया सम्मानित*

दमोह। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले दो सगे भाइयों योगेश सुमन और रत्नेश सुमन को शासन की राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। दोनों भाई इस योजना के तहत दमोह जिले के पहले राहवीर बने हैं।

22 सितंबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने योगेश सुमन एवं रत्नेश सुमन को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों भाइयों के मानवीय प्रयास की सराहना की गई।

गोल्डन ऑवर में दिखाई मानवीय संवेदना

जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 12:30 बजे योगेश सुमन ने परसोरिया पेट्रोल पंप के आगे मुख्य मार्ग पर एक सड़क दुर्घटना देखी। एक चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार ग्राम जोरताल, पथरिया निवासी भारत प्रजापति पिता मोहन प्रजापति एवं विजय लोधी पिता भगवान सिंह लोधी घायल होकर सड़क पर पड़े हुए थे।

दुर्घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा होने के बजाय योगेश सुमन ने तत्काल मदद के लिए आगे बढ़ते हुए अपने भाई रत्नेश सुमन को साथ लिया और दोनों घायलों को बिना समय गंवाए जिला अस्पताल दमोह पहुंचाया। अस्पताल में दोनों घायलों का उपचार कराया गया। समय रहते अस्पताल पहुंचने से दोनों घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी और वर्तमान में दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने भेजा था प्रस्ताव

सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के इस मानवीय कार्य को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा योगेश सुमन और रत्नेश सुमन के नाम राहवीर योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल को प्रस्ताव भेजा गया था।

प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद दोनों भाइयों को शासन की ओर से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

दोनों भाई बने जिले के पहले राहवीर

योगेश और रत्नेश सुमन की पहल ने यह संदेश दिया है कि सड़क दुर्घटना के समय यदि आम नागरिक संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद करें, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

दोनों भाइयों को मिला यह सम्मान न केवल उनके मानवीय कार्य की पहचान है, बल्कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद के लिए समाज के अन्य लोगों को भी आगे आने के लिए प्रेरित करने वाला कदम है। दमोह जिले में राहवीर योजना के तहत सम्मानित होने वाले पहले दो राहवीर बनने पर दोनों भाइयों की पहल की सराहना की जा रही है।

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This