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*गौहत्या की घटना के विरोध में सर्व हिंदू समाज का प्रदर्शन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*गौहत्या की घटना के विरोध में सर्व हिंदू समाज का प्रदर्शन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

*मानस भवन में एकत्रीकरण के बाद कोतवाली चौराहे पर पहुंचे संगठन के सदस्य*

*एसडीएम सौरभ गंधर्व ने लिया ज्ञापन प्रशासन ने मांगों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन*

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दमोह। दमोह नगर में 3 अक्टूबर 2026 को सामने आई कथित गौहत्या की घटना के विरोध में मंगलवार को सर्व हिंदू समाज एवं सामाजिक संगठन दमोह के तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन के सदस्यों एवं गौसेवकों ने पहले मानस भवन में एकत्रीकरण किया, जिसके बाद सभी कोतवाली चौराहा पहुंचे। यहां मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एसडीएम दमोह सौरभ गंधर्व को ज्ञापन सौंपकर गौवंश संरक्षण और घटना में कठोर कार्रवाई सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।

कार्यक्रम के दौरान संगठन की ओर से घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई, गौचर एवं शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।

शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा

विरोध प्रदर्शन के दौरान सर्व हिंदू समाज एवं सामाजिक संगठन के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्राप्त करते हुए एसडीएम सौरभ गंधर्व ने संगठन को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर सीएसपी एचआर पांडे, तहसीलदार रॉबिन जैन, टीआई मनीष कुमार, तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, डीएसपी प्रशिक्षु शिव प्रसाद कंगाली, चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा विद्युत विभाग से महेंद्र राय एवं श्री सोलंकी, यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को, निरीक्षक आकांक्षा जोशी, पुलिस बल, यातायात व्यवस्था, फायर ब्रिगेड एवं वज्र वाहन भी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

3 अक्टूबर की घटना को लेकर जताई चिंता

संगठन द्वारा मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि 3 अक्टूबर 2026 को दमोह नगर में गौहत्या की घटना सामने आई, जिसे लेकर गौसेवकों एवं हिंदू समाज में आक्रोश है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि दमोह नगर के बजरिया वार्ड क्रमांक-7, नूरी नगर एवं सीता बावड़ी क्षेत्र में घटना की सूचना मिलने के बाद गौसेवक मौके पर पहुंचे थे।

ज्ञापन में संगठन की ओर से दावा किया गया है कि मौके से कथित रूप से गोमाता का कटा हुआ सिर तथा गर्भ में पल रहे मृत बछड़े के अवशेष पाए गए। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की मांग की है।

संगठन का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं केवल आपराधिक मामला नहीं हैं, बल्कि इनके कारण धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी रहती है। इसलिए शासन की गौवंश संरक्षण एवं अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग

ज्ञापन में दमोह जिले में स्थित गौचर एवं शासकीय गौभूमि की निष्पक्ष जांच कराने और वहां पाए जाने वाले अवैध अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि गौवंश के लिए उपलब्ध भूमि को सुरक्षित किया जाना आवश्यक है।

इसके साथ ही प्रकरण की जांच के दौरान यदि किसी आरोपी की अवैध अतिक्रमण अथवा अन्य गतिविधियों में संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध राजस्व एवं अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई करने तथा अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।

गौमांस की खरीद-बिक्री और आपूर्ति की जांच की मांग

ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई है कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि गिरफ्तार अथवा पकड़े गए आरोपियों द्वारा गौमांस की खरीद-बिक्री या किसी व्यक्ति, प्रतिष्ठान अथवा होटल को आपूर्ति की गई थी, तो इस पूरी श्रृंखला में शामिल लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए। दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की गई है।

सड़क पर गोवंश छोड़ने वालों पर भी कार्रवाई

संगठन ने उन गोपालकों की पहचान करने की मांग की है जो अपने पालतू गोवंश को जानबूझकर सड़कों पर आवारा अथवा निराश्रित छोड़ देते हैं। ऐसे गोपालकों के विरुद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार कार्रवाई करने तथा गोवंश के संरक्षण एवं उचित प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

आपराधिक इतिहास वाले आरोपियों पर कठोर कार्रवाई

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रकरण में गिरफ्तार या चिन्हित ऐसे आरोपियों, जिनका आपराधिक इतिहास अथवा आदतन अपराध में संलिप्तता जांच में प्रमाणित हो, उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) अथवा अन्य लागू कठोर कानूनों के तहत कार्रवाई की उपयुक्तता का परीक्षण किया जाए और कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानी

संगठन ने दमोह नगर एवं जिले में गौहत्या, गोवंश की अवैध तस्करी तथा पशु संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नियमित पुलिस गश्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की है।

साथ ही संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों की त्वरित जांच, दोषियों के विरुद्ध शीघ्र अभियोजन तथा न्यायालयीन कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा गया ज्ञापन

कोतवाली चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासन ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सर्व हिंदू समाज एवं सामाजिक संगठन ने शासन से मांग की कि 3 अक्टूबर की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

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