—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*झूठी शिकायत या सच का खुलासा? भूमि विवाद की जांच की मांग तेज*

दमोह/ तेंदूखेड़ा ग्राम सेलवाड़ा में भूमि विवाद को लेकर नया मोड़ सामने आया है। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-7 की बीडीसी सदस्य श्रीमती पूजा यादव के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई की मांग करते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सरकारी भूमि पर कब्जे संबंधी शिकायत तथ्यों से परे और भ्रामक है।
आवेदनकर्ता कमलेश साहू एवं ग्राम सरपंच नीतू साहू ने तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि उनके विरुद्ध की गई शिकायत में किसी भी शासकीय भूमि का खसरा नंबर, नक्शा या राजस्व अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। उनका दावा है कि जिन खसरा नंबर 974 (एस) एवं 962 (एस) का उल्लेख किया गया है, वे राजस्व रिकॉर्ड में निजी रैयती भूमि के रूप में दर्ज हैं।
ज्ञापन के अनुसार खसरा नंबर 974 (एस) पर वर्षों से कथित अवैध कब्जा होने के कारण वास्तविक काश्तकार भूमि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जबकि खसरा नंबर 962 (एस) का हाल ही में सीमांकन भी किया जा चुका है। आवेदकों का कहना है कि इन तथ्यों के बावजूद उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम सेलवाड़ा के खसरा नंबर 165, जो राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय भूमि दर्ज है, उससे संबंधित कथित अवैध खरीद-फरोख्त की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के साथ बी-1, खतौनी, नक्शे और अन्य राजस्व अभिलेखों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद यदि उनके विरुद्ध की गई शिकायत निराधार पाई जाती है तो उसे निरस्त कर उन्हें आरोपमुक्त किया जाए।
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिनमें रामदयाल साहू, परसोत्तम अहिरवार, देशराज ठाकुर, जुगराज ठाकुर, अमित साहू, मोहित साहू, विपिन साहू सहित सैकड़ों लोग शामिल थे। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्षों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।











































