—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*श्री शिव साईं धाम में श्रीमद्भागवत कथा का हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ हुआ समापन*
*पितृपक्ष में आयोजित धार्मिक आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, यज्ञ में आहुतियां देकर पितरों की शांति एवं सुख-समृद्धि की कामना*
*अखलेश घोषी की विशेष रिपोर्ट*

दमोह। प्रतिवर्षानुसार पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्री शिव साईं सेवा भाव परिवार, बेलाताल टापू दमोह में पितरों के निमित्त आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का बुधवार को विधि-विधानपूर्वक हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध संत एवं कथा व्यास पंडित श्री कमलेश्वरानंद जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में पूरे कथा सप्ताह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और धर्म, भक्ति एवं सेवा के संदेश को आत्मसात किया।
कथा के अंतिम दिवस प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक हवन-पूजन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। इस दौरान भगवान से परिवार एवं समाज में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के साथ-साथ पितरों की आत्मशांति एवं मोक्ष की कामना की गई। यज्ञ स्थल पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालु धार्मिक मंत्रोच्चार में सहभागी बने।
हवन-पूजन के उपरांत दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। श्री शिव साईं सेवा भाव परिवार के सदस्यों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन के दौरान सेवा और श्रद्धा का भाव विशेष रूप से दिखाई दिया।
भक्ति, सत्संग और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश
कथा व्यास पंडित कमलेश्वरानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के संदेश को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में भगवान की भक्ति, सत्संग और सद्कर्मों का विशेष महत्व है। धर्म के मार्ग पर चलते हुए जरूरतमंदों की सेवा करना और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना ही मानव जीवन को सार्थक बनाता है।
उन्होंने पितृपक्ष के दौरान धार्मिक आयोजन, पितरों के प्रति श्रद्धा तथा सेवा कार्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। महाराज जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीमद्भागवत से प्राप्त आध्यात्मिक संदेशों को केवल कथा तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में उतारें।
पूरे आयोजन में बना रहा भक्तिमय वातावरण
श्री शिव साईं धाम, बेलाताल टापू में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के दौरान पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा। कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम, त्याग, सेवा, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई। कथा के अंतिम दिवस हवन-पूजन और भंडारे के साथ आयोजन का विधिवत समापन हुआ।
श्री शिव साईं सेवा भाव परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं, संतजनों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ने धार्मिक वातावरण के साथ-साथ समाज में सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया।

















