—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*धर्म और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 का 1008 पौधारोपण महाअभियान ऐतिहासिक*
दमोह। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 द्वारा आयोजित “1008 पौधारोपण महाअभियान–2026” ने धर्म, समाज और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश देते हुए एक नई मिसाल कायम की। भगवान जिनेन्द्र देव के 1008 शुभ नामों की स्मृति तथा 24 तीर्थंकरों के प्रतीक स्वरूप 24 से अधिक तीर्थ क्षेत्रों में पौधारोपण का संकल्प लेकर आयोजित यह अभियान संगठनात्मक एकता और प्रकृति संरक्षण का अद्भुत उदाहरण बना।
पूरे सागर संभाग में एक ही दिन 30 से अधिक स्थानों पर 600 से अधिक वीर-वीरांगनाओं की सहभागिता से 1008 पौधों का रोपण किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश देना था कि जिस प्रकार धर्म की रक्षा हमारा कर्तव्य है, उसी प्रकार प्रकृति का संरक्षण भी हमारी नैतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी है।
दमोह जिले में जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा, वरिष्ठ शाखा, महिला जैन मिलन नेमीनगर शाखा, कांच मंदिर शाखा, सिंघई मंदिर शाखा, टंडन बगीचा शाखा, जिनवाणी शाखा, नगर शाखा, पथरिया, हटा, बड़े बाबा पटेरा, बड़े बाबा जैन मिलन पटेरा, बांसा एवं महिला जैन मिलन बांसा शाखाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुनिसुब्रतनाथ तीर्थ बांसा, कुंडलपुर, बेला, हथनी, नोहटा, विरागोदय तीर्थ पथरिया तथा हटा सहित विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया गया।
महाअभियान का नेतृत्व क्षेत्रीय मुख्य संयोजक सबन जैन सिल्वर एवं क्षेत्रीय मुख्य संयोजिका रश्मि आनंद जैन ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतिवीर कमलेंद्र जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीरांगना कविता ऋषभ जैन, क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वीर संजय जैन शक्कर, क्षेत्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक अतिवीर दिलेश जैन चौधरी, राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री वीर अरुण जैन चंदेरिया, क्षेत्रीय मंत्री वीर जिनेश जैन वहरोल तथा क्षेत्रीय कोऑर्डिनेटर वीर ऋषभ जैन सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुनिसुब्रतनाथ तीर्थ क्षेत्र कमेटी, बांसा द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महावीर प्रार्थना, भगवान महावीर स्वामी के चित्र के अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मिशन ग्रीन दमोह के संयोजक सिद्धार्थ मलैया के सहयोग से 108 पौधे उपलब्ध कराए गए, जिसके लिए जैन मिलन परिवार ने उनका आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतिवीर कमलेंद्र जैन ने कहा कि धर्म तभी सार्थक है, जब वह समाज और प्रकृति के कल्याण से जुड़ता है। वहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीरांगना कविता ऋषभ जैन ने इसे जैन मिलन की संगठनात्मक शक्ति, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बताया।
कार्यक्रम संयोजक अतिवीर दिलेश जैन चौधरी ने कहा कि यह अभियान केवल 1008 पौधों का रोपण नहीं, बल्कि संगठन जागरण का भी महाअभियान रहा। इसके माध्यम से निष्क्रिय शाखाएँ सक्रिय हुईं, नई शाखाओं के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ, नए कार्यकर्ताओं को दायित्व मिले तथा धर्म और पर्यावरण संरक्षण का संदेश एक साथ जन-जन तक पहुँचा।
अंत में वीर ऋषभ जैन ने सभी अतिथियों, शाखाओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत जैन मिलन बांसा शाखा द्वारा सभी सहभागियों के लिए स्नेहपूर्वक अल्पाहार की व्यवस्था की गई।
यह महाअभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन विस्तार, धर्म प्रचार, तीर्थों से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी जनअभियान बनकर उभरा। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब धर्म, समाज और प्रकृति एक सूत्र में बंधते हैं, तब सेवा का प्रत्येक कार्य जनआंदोलन का स्वरूप धारण कर लेता है।









































