Home » अपराध » Mp » *संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस श्याम शिवहरे*

*संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस श्याम शिवहरे*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस श्याम शिवहरे*

*चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई आपत्ति*

दमोह। चुनाव आयोग, Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस एवं राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल उठाने का अधिकार सभी राजनीतिक दलों को है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के मन में भ्रम और अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता दी जाए।

श्याम शिवहरे ने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों की ओर से स्पष्ट किया गया कि Special Intensive Revision (SIR) किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त एवं दोनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। उनके अनुसार, आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी यदि राजनीतिक आरोप जारी रहते हैं तो इस पर तथ्यात्मक रूप से चर्चा होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और SIR को लेकर जिस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सवाल उठाए गए, अब उसी रिपोर्ट में बताए गए तथ्यों को लेकर भी प्रश्न सामने आ रहे हैं। ऐसे में किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर किसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले संबंधित तथ्यों की पूरी तरह जांच करना आवश्यक है।

चुनाव आयोग पर आरोपों को लेकर कांग्रेस से प्रमाण मांगने की बात

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान पर सवाल उठाने से पहले अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी परिणामों के बाद कांग्रेस द्वारा संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

श्याम शिवहरे ने कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर आपत्ति है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि जिन राज्यों में कांग्रेस को चुनाव में जनादेश मिला है, वहां की चुनाव प्रक्रिया और परिणामों को लेकर उसका दृष्टिकोण क्या है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।

Form-6 और न्यायिक प्रक्रिया का भी किया उल्लेख

Form-6 को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर श्याम शिवहरे ने कहा कि इस विषय से संबंधित न्यायिक प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय संबंधित तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया को सामने रखकर चर्चा की जानी चाहिए।

उन्होंने कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को SIR की प्रक्रिया से जोड़ने पर भी सवाल उठाया। शिवहरे के अनुसार, चुनाव आयोग की ओर से इसे एक अधिकारी से संबंधित आंतरिक प्रशासनिक विषय बताया गया है। इसलिए किसी प्रशासनिक पत्राचार को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने से पहले उसके वास्तविक संदर्भ और आधिकारिक जानकारी की जांच जरूरी है।

ECINET की तकनीकी व्यवस्था पर भी रखी बात

भाजपा जिलाध्यक्ष ने ECINET को लेकर उठाए जा रहे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की आईटी व्यवस्था की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन की जांच के लिए IIT सहित विशेषज्ञ समितियों की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार, इससे यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी व्यवस्था की जांच के लिए संस्थागत प्रक्रिया मौजूद है और ऐसे विषयों पर विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण किया जा सकता है।

कांग्रेस से किए सवाल

श्याम शिवहरे ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग अपनी ओर से संबंधित विषयों पर स्थिति स्पष्ट कर चुका है, तो क्या राहुल गांधी अपने आरोपों पर पुनर्विचार करेंगे? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस चुनाव आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया पर विश्वास करती है?

उन्होंने कहा कि चुनाव जनता के बीच जाकर सेवा, कार्य और नीतियों के आधार पर जनमत प्राप्त करके जीते जाते हैं। राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए तथ्यपरक और जिम्मेदार तरीके से अपनी बात रखें।

श्याम शिवहरे ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बिना पर्याप्त तथ्यों और प्रमाणों के आरोप लगाने के बजाय राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने और जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This