—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*मरीज की दुखद मृत्यु पर निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच की मांग*
*पूज्य सिंधी समाज कल्याण एवं शिक्षण समिति दमोह ने कलेक्टर और एसपी को सौंपा आवेदन*
दमोह शहर के पूज्य सिंधी समाज कल्याण एवं शिक्षण समिति दमोह द्वारा जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर जिला अस्पताल, स्टेशन रोड, दमोह में हुई एक मरीज की दुखद मृत्यु के मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की गई है। समिति ने आवेदन में मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पूरे घटनाक्रम के वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की है।
समिति की ओर से दिए गए आवेदन में संबंधित स्थानीय चिकित्सक डॉ. पीताम्बर बंधवानी के संबंध में भी पूरी तरह निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराने का अनुरोध किया गया है। आवेदन दिनांक 29/09/2026 का है।
घटना पर समाज ने जताया दुख
आवेदन में पूज्य सिंधी समाज की ओर से कहा गया है कि मरीज की मृत्यु की घटना अत्यंत दुखद है। समिति एवं सिंधी समाज ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
बिना जल्दबाजी के जांच की मांग
समिति ने कहा है कि किसी भी अप्रिय घटना के वास्तविक कारणों का सामने आना बेहद जरूरी है। इसके लिए जांच बिना किसी जल्दबाजी और पूर्वाग्रह के, उपलब्ध वैज्ञानिक तथ्यों तथा अंतिम मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर किए जाने की मांग की गई है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्षता के साथ की जाए, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।
एकपक्षीय कार्रवाई से बचने की अपील
समिति ने प्रशासन एवं कानून व्यवस्था में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज शांतिप्रिय, कानून का पालन करने वाला और समाज सेवा में अग्रणी रहा है। समिति की मांग है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की एकपक्षीय कार्रवाई से बचते हुए स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाए।
डॉक्टर के लंबे सेवाकाल का भी उल्लेख
आवेदन के चौथे बिंदु में संबंधित चिकित्सक डॉ. पीताम्बर बंधवानी (M.B.B.S., M.S.) के लंबे चिकित्सकीय सेवाकाल का उल्लेख किया गया है। समिति ने कहा है कि डॉ. बंधवानी विगत 30 वर्षों से दमोह क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं देते आ रहे हैं और उन्हें कुशलता, सेवाभाव एवं ईमानदारी के लिए समाज में सम्मानित चिकित्सक के रूप में देखा जाता है।
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि चिकित्सकीय कार्य के साथ वे विभिन्न कल्याणकारी एवं सामाजिक गतिविधियों में भी भूमिका निभाते रहे हैं। समिति का कहना है कि इतने लंबे सेवाकाल के बाद उनके विरुद्ध बिना किसी ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य के एकतरफा कदम उठाना न्यायसंगत नहीं होगा।
कलेक्टर और एसपी से निष्पक्ष जांच का अनुरोध
पूज्य सिंधी समाज कल्याण एवं शिक्षण समिति ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष, वैज्ञानिक और तथ्यपरक जांच कराने का अनुरोध किया है। समिति ने स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सकीय तथ्यों और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG Police), भोपाल, मध्य प्रदेश तथा स्वास्थ्य सचिव, भोपाल, मध्य प्रदेश को भी भेजी गई है।
आवेदन में समिति के पदाधिकारियों एवं समस्त सदस्यों की ओर से यह मांग रखी गई है कि मामले की जांच स्थापित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निष्पक्ष रूप से कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।


















